यूपी: नृशंस हत्या के बाद खतौली में जमकर बवाल
गुस्साए लोग शव लेकर हाईवे जाम करने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया। इससे ग्रामीण उग्र हो उठे और पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसमें इंस्पेक्टर खतौली सिर में पत्थर लगने से घायल हो गए।
पुलिस ने कई राउंड हवाई फायर कर भीड़ को तितर बितर किया। इस पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने सड़क पर लेट कर दिल्ली-हरिद्वार हाईवे जाम कर दिया।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव मढ़करीमपुर निवासी राजेश (48)पुत्र ठा. अमरपाल सिंह खतौली मिल में नौकरी करता था। वह रविवार रात में गांव के ही बंटी, राजीव, राजेंद्र के साथ खेतों की सिंचाई करने के लिए जंगल में गया था।
ग्रामीणों में आक्रोश फैला
वहीं पर उसकी फावडे़ से सिर पर प्रहार करके हत्या कर दी गई तथा शव पास स्थित रजवाहे में फेंक दिया। राजेश के साथ गए लोगों ने उसके लापता होने की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी।
मौके पर पहुंचे लोगों ने रात से ही उसकी तलाश शुरू कर दी। सोमवार सुबह सफेदा बाईपास रेलवे फाटक के पास रजवाहे से उसकी लाश मिली, तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
गुस्साए ग्रामीण हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग को लेकर शव लेकर भंगेला तिराहे पर पहुंचे और शव को ट्रैक्टर में रख कर हाईवे पर जाम लगा दिया।
इस बीच वहां पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार लोगों को तितर बितर कर दिया । इससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, सिर में पत्थर लगने से इंस्पेक्टर खतौली गजेंद्र सिंह घायल हो गए।
इंस्पेक्टर को खून से लथपथ देख कर पुलिस कर्मियों ने हवाई फायरिंग करके भीड़ को तितर बितर किया। इस दौरान ग्रामीणों ने कई बार पुलिस पर पथराव किया।
इस बीच मौका मिलते ही पुलिस ने शव को अपनी जीप में रख कर जिला मुख्यालय पहुंचा दिया। जिसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं हाईवे पर पहुंच कर लेट गईं। जिससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मामले की जानकारी मिलते ही ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि सागर सोम ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत किया तथा सीओ डीके मित्तल से वार्ता की।
जिस पर सीओ ने शासन से पांच लाख रुपये की मदद और मृतक के बेटे की शुगर मिल में नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और एक घंटे बाद जाम को खोल दिया।