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मोदी-जया के 'प्रेम-पत्रों' पर बवाल

Tue, 05 Aug 2014 10:56 AM IST
Updated Tue, 05 Aug 2014 10:56 AM IST
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ruckus creat on narendra modi and jayalalitha

श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के बारे में लिखी गई आपत्तिजनक बातों को लेकर संसद के दोनों सदनों में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ।

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अन्नाद्रमुक सांसदों ने दोनों सदनों में सरकार से निंदा प्रस्ताव पास करने की मांग की। हंगामे के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में लेख की न सिर्फ निंदा की बल्कि इस संबंध में श्रीलंकाई उच्चायुक्त को तलब करने का आश्वासन भी दिया।
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लोकसभा में एम थंबीदुरई ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक इस मामले पर न तो अपनी प्रतिक्रिया दी है और न ही निंदा की है।
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हंगामे के चलते सदन स्थगित करना पड़ा

ruckus creat on narendra modi and jayalalitha

उन्होंने सरकार से निंदा प्रस्ताव पास करने की मांग की। इस दौरान अन्नाद्रमुक सांसद अध्यक्ष के आसन तक चले आए। इसके चलते स्पीकर सुमित्रा महाजन को सदन स्थगित करना पड़ा।

दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने इस लेख की निंदा करते हुए कहा कि वह इस बारे में विदेश मंत्री को अवगत कराएंगे। अन्नाद्रमुक सांसद इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।

उन्होंने जमकर हंगामा किया जिसके चलते सदन को दोबारा स्थगित करना पड़ा। वहीं राज्यसभा में अन्नाद्रमुक सांसद वी मैत्रेयन ने एक पत्रकार की ओर से लिखे गए लेख पर कड़ी आपत्ति जताते हुए श्रीलंकाई राजदूत को तलब करने को कहा।

पत्रों को प्रेम पत्र बताया गया

ruckus creat on narendra modi and jayalalitha

लेख में जयललिता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मछुआरों को छुड़ाने और एक द्वीप पर अपनी दावेदारी श्रीलंका सरकार के समक्ष रखने के लिए लिखे गए पत्रों को प्रेम पत्र बताया गया है।

यहां भी सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुषमा स्वराज को बयान देने के लिए आना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह विषय बेहद गंभीर है। सरकार की इसकी कड़ी निंदा करती है और श्रीलंकाई उच्चायुक्त को तलब कर इस संबंध में सरकार अपने पक्ष और नाराजगी से अवगत कराएगी।

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