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आरटीआई कार्यकर्ता ने की ‘आत्महत्या’
एजेंसी/पुणे
Updated Wed, 26 Mar 2014 01:39 AM IST
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महाराष्ट्र के पुणे में विलास बारावकर नाम का एक आरटीआई कार्यकर्ता अपने घर में मृत पाया गया है। पुलिस के अनुसार उसकी लाश घर में लटकी मिली है। पुलिस का दावा है कि उन्हें मौके से सुइसाइड नोट बरामद हुआ है।
100 रुपये के स्टैंप पेपर पर हाथ से लिखे गए इस सुइसाइड नोट में राजनेता, पुलिस अधिकारी और कुछ सरकारी नौकरों समेत करीब 50 बड़े लोगों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
जांच अधिकारी किशोर पाटिल ने कहा,‘विलास बारावकर ने चकन में बहुत सारे भूमि घोटालों और अवैध निर्माण का पर्दाफाश किया था।
इसलिए हम हर तरह की संभावनाओं को लेकर जांच कर रहे हैं। हम सभी से पूछताछ करेंगे। हमने अभी तक किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की है।’
आरटीआई कार्यकर्ता की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में सतीश शेट्टी, अरुण सावंत, विठ्ठल गिटे, रामदास घडेगांवकर, दत्तारे पाटिल, प्रेमनाथ झा और राजेश बोबाडे की हत्या की जा चुकी है।
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100 रुपये के स्टैंप पेपर पर हाथ से लिखे गए इस सुइसाइड नोट में राजनेता, पुलिस अधिकारी और कुछ सरकारी नौकरों समेत करीब 50 बड़े लोगों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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जांच अधिकारी किशोर पाटिल ने कहा,‘विलास बारावकर ने चकन में बहुत सारे भूमि घोटालों और अवैध निर्माण का पर्दाफाश किया था।
इसलिए हम हर तरह की संभावनाओं को लेकर जांच कर रहे हैं। हम सभी से पूछताछ करेंगे। हमने अभी तक किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की है।’
आरटीआई कार्यकर्ता की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में सतीश शेट्टी, अरुण सावंत, विठ्ठल गिटे, रामदास घडेगांवकर, दत्तारे पाटिल, प्रेमनाथ झा और राजेश बोबाडे की हत्या की जा चुकी है।
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