संघ के दरबार में होगा मोदी के टिकट का फैसला
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लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ टिकट बंटवारे से लेकर पार्टी के विस्तार के सवाल पर भाजपा का घमासान खुलकर सतह पर आ गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में टिकट बंटवारे से पहले ही विवाद उफान पर है तो कर्नाटक में बीएसआर कांग्रेस के पार्टी में विलय के सवाल पर मतभेद गहरा गए हैं।
पार्टी को वाराणसी और लखनऊ सीट पर उम्मीदवार तय करने के मामले में पसीने छूट रहे हैं। इसी कारण पार्टी उत्तर प्रदेश से नरेंद्र मोदी को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला नहीं कर पा रही है।
येदुरप्पा भी बने पार्टी के लिए मुसीबत
बीएसआर कांग्रेस का भाजपा में विलय के मसले पर वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर हुई पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और वैंकेया नायडू की बैठक में हल नहीं निकल पाया। विवाद के बीच राजनाथ शनिवार को आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में हिस्सा लेने बंगलूरू जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि बैठक में संघ इस विवाद पर गहन मंथन के साथ पूरे मामले में हस्तक्षेप करेगा। सूत्रों का कहना है कि मोदी विरोधी खेमा ठीक चुनाव के समय दलों और नेताओं को जोड़ने के अभियान में पलीता लगाना चाहता है।
विनोद शर्मा पर अड़ी सुषमा
उल्लेखनीय है कि सुषमा स्वराज ने बीएसआर कांग्रेस के भाजपा में विलय के प्रस्ताव हजकां में कांग्रेस विधायक विनोद शर्मा के प्रवेश की कोशिशों का सार्वजनिक विरोध किया है। दरअसल, पार्टी में मोदी समर्थक कर्नाटक में पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहते हैं।
इसी कड़ी में आडवाणी के विरोध के बावजूद जहां येदियुरप्पा की घर वापसी कराई गई, वहीं रेड्डी बंधुओं से जुड़े श्रीरामुलु की पार्टी का भाजपा में विलय की कोशिशें तेज कर दी गई। इन कोशिशों का विरोध कर रहे गुट का कहना है कि कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के मामले में हमला करने वाली भाजपा को ऐसे कदमों से नुकसान उठाना होगा।
जोशी, टंडन अड़े
उधर, उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी वाराणसी सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर लालजी टंडन लखनऊ से अपना दावा छोड़ना नहीं चाहते।
कलराज मिश्र कानपुर से टिकट पाने के लिए अड़े हुए हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को मोदी को उत्तर प्रदेश से लड़ाने का रास्ता नहीं सूझ रहा। लखनऊ सीट पर टंडन के अड़ जाने से राजनाथ का रास्ता साफ नहीं हो रहा। विवाद टालने के लिए मोदी को वाराणसी की जगह कानपुर से तो राजनाथ को मेरठ से लड़ाने के फार्मूले पर भी विचार मंथन चल रहा है।
माना जा रहा है कि अब पूरे मामले में संघ रविवार को गंभीर मंथन कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करेगा। संघ सूत्रों का कहना है कि मोदी को उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ाने के लिए वह पार्टी में नए सिरे से हस्तक्षेप कर सकता है।