अपने इन कामों से नेपाल की जनता के दिल में जगह बनाएगा संघ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने सेवा कार्यों के जरिए नेपाल की जनता के दिल में जगह बनाएगा। इसके लिए उसने धर्म और शिक्षा दोनों ही मोर्चों पर नेपाली जनता को मदद देने की रणनीति बनाई है।
संघ ने भूकंप की वजह से क्षतिग्रस्त मंदिरों और बौद्ध गुफाओं को संवारने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों के लिए शिक्षा सामग्री की कमी को देखते हुए संघ की ओर से एक लाख पाठ्यक्रम किट भेजने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार नैनीताल में प्रांत प्रचारकों की बैठक खत्म होने के बाद संघ के शीर्ष नेताओं ने नेपाल की पुनर्वास रणनीति को अंजाम देने के लिए अलग से बैठक की।
इसमें संघ के शीर्ष नेतृत्व ने नेपाल के क्षतिग्रस्त मंदिरों और बौद्ध गुफाओं को संवारने का निर्णय लिया। इससे पहले संघ की ओर से स्कूली बच्चों के लिए पाठ्यक्रम की एक लाख किट को तीन खेप में भेजा जाएगा। पहली खेप अगस्त के पहले हफ्ते में भेजी जाएगी। इसमें 35 हजार स्कूली किट भेजने की तैयारी है।
नेपाल के क्षतिग्रस्त मंदिरों और बौद्ध गुफाओं को संवारेगा संघ
संघ के एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि बीते दिनों नेपाल में आए भूकंप से वहां मंदिरों और बौद्ध गुफाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचारक शिवनारायण ने कुछ दिनों पहले नेपाल की यात्रा कर वहां की जमीनी सच्चाई का मुआयना किया था।
उस दौरान ही वहां के मंदिरों और बौद्ध गुफाओं की स्थिति का आकलन किया गया। हालांकि संघ को इस सेवा कार्य के लिए नेपाल सरकार की पुनर्वास नियम के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरा राष्ट्र होने की वजह से संघ वहां अपनी किसी गतिविधि को सीधे अंजाम नहीं दे सकता है। बावजूद इसके संघ ने तरकीब निकाल ली है। बताया जा रहा है कि सीधे हस्तक्षेप के बजाय संघ ने नेपाल के स्थानीय सामाजिक संस्थाओं को अपने साथ जोड़ा है। संघ अपने सेवा भारती और सेवा इंटरनेशनल के जरिए मदद पहुंचाएगा।
तो वहां पर गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हिंदू सेवक संघ और पशुपति मंदिर समिति से करार किया है। वैसे हिंदू सेवक संघ, संघ की एक संस्था है जोकि विदेशों में हिंदुओं को जोड़ने का काम करती है।