अब मुलायम के गढ़ में घर वापसी कराएगा संघ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्म परिवर्तन और घर वापसी को लेकर उठे तूफान के बाद अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने रणनीति बदल दी है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के गढ़ मैनपुरी जिले में घर वापसी अब सामूहिक रूप से न कराकर गोपनीय तरीके से दो से पांच परिवारों की कराई जाएगी। कार्यक्रम भी सार्वजनिक न होकर गुपचुप तरीके से कराया जाएगा। इसके लिए संघ और संघ के संगठनों के कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कार्यकर्ता पहले ऐसे परिवार चिन्हित करेंगे जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया है। ऐसे परिवारों को घर वापसी के लिए प्रेरित किया जाएगा। दो-तीन परिवारों के लोगों द्वारा घर वापसी के लिए सहमति दे देने पर बिना किसी शोर शराबे के उनकी घर वापसी कराई जाएगी।
आगरा में धर्म परिर्वतन के मामले ने इतना तूल पकड़ा कि वर्षों से घर वापसी करा रहे धर्म जागरण विभाग के प्रमुख राजेश्वर सिंह को उनके पद से हटाना पड़ गया। अब आरएसएस ने रणनीति बदल दी है। संघ नेतृत्व लोभ-लालच के चलते हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाने वालों को वापस हिंदू धर्म में लाने के लिए छेड़ी गई मुहिम से पीछे हटने के मूड में नही है।
संघ सूत्रों के अनुसार स्वयंसेवक और संघ से जुड़े हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों की घर वापसी के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए बाकायदा धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। सूची के आधार पर स्वयंसेवक और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी उन्हें मूल धर्म में वापस लाने के लिए प्रेरित करने के अभियान में जुट गए हैं। संघ के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संघ की रणनीति पर अमल शुरू हो गया है और दो से चार परिवारों को प्रेरित कर उनकी घर वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आरएसएस के जिला प्रचारक अनुज का कहना था जिसे घर वापसी करनी है वह कर सकता है। आरएसएस अलग से कोई अभियान नहीं चला रहा है।
मैनपुरी जिले में पहले भी हो चुकी है घर वापसी
25 दिसंबर 2013 को स्वामी भजनानंद सरस्वती शिशु मंदिर में हिंदू जागरण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 206 परिवारों के 1116 सदस्यों ने घर वापसी की थी। वर्ष 2008 में भी डीएवी इंटर कालेज में धर्म जागरण विभाग के राजेश्वर सिंह की मौजूदगी में 300 से अधिक परिवारों के 14 से अधिक सदस्यों को पुन: हिंदू धर्म में शामिल किया गया था।
धर्मांतरण प्रकरण: नंदकिशोर को मिली जमानत
आगरा के वेद नगर में हुए धर्मांतरण प्रकरण के आरोपी नंदकिशोर वाल्मीकि को आखिरकार राहत मिल गई। जेल में सुनवाई के बाद जिला जज विजय प्रताप सिंह ने नंदकिशोर की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। उसे 20 हजार के दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश पारित किए।
बताते चलें, थाना सदर क्षेत्र स्थित वेद नगर में कबाड़ बीनने वालों की बस्ती है। इस बस्ती में आठ दिसंबर को 37 मुस्लिम परिवारों का धर्मांतरण कराया गया था। इसे हिंदू धर्म में वापसी का नाम दिया गया था। इस आयोजन को वेद नगर में रहने वाले हिंदूवादी संगठन से जुड़े नंदकिशोर वाल्मीकि ने कराया था। मामले में नौ दिसंबर को कबाड़ बस्ती के इस्माइल ने थाना सदर में नंदकिशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि पड़ोसी नंदकिशोर ने कहा कि सब लोगों के बीपीएल कार्ड और पहचान पत्र बनवा दूंगा। इसके बाद एक दिन आकर गोदाम पर फार्म भरवाए। आठ दिसंबर को गोदाम में सफाई कराने के बाद हवन कुंड बनवाया। बस्ती के लोगों को तिलक और कलावा बंधवाया। मीडियाकर्मियों को बुलाकर फोटो भी खिंचवाए। दूसरे दिन हमें पता चला कि धोखे से हमें मुस्लिम से हिंदू बना दिया गया है। मामले की गूंज संसद तक पहुंची। पुलिस ने नंदकिशोर पर पांच हजार का इनाम घोषित कर दिया। बाद में नंदकिशोर को पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
गुरुवार को जेल में लगी अदालत में जिला जज विजय प्रताप सिंह के समक्ष नंदकिशोर ने पेश होकर जमानत प्रार्थना पत्र दिया। उसने अपनी बहस भी खुद की। इसके बाद जिला जज ने जमानत स्वीकार कर ली। नंदकिशोर के अधिवक्ता बसंत गुप्ता और हेमेंद्र शर्मा ने बताया कि शनिवार को जमानती पेश किए जाएंगे। तब उसकी रिहाई हो सकेगी।
धर्मांतरण की सूचना पर घंटों परेशान रही पुलिस
वाराणसी के नगवां में धर्मांतरण कार्यक्रम की सूचना पर शुक्रवार को लंका पुलिस घंटों परेशान रही। विश्व हिंदू परिषद की जानकारी पर वहां पहुंची पुलिस ने दक्षिण कोरिया के दंपती को हिरासत में ले लिया। जांच में धर्मांतरण संबंधी कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर दोनों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। संगीत की धुन पर दक्षिण कोरिया के 15 लोगों को नाचते देख स्थानीय लोगों को संदेह हुआ था।
दक्षिण कोरिया के 15 लोग शुक्रवार शाम नगवां स्थित मस्जिद के पास संगीत की धुन पर डांस कर रहे थे। कुछ ही देर में वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों को धर्मांतरण कार्यक्रम होने का संदेह हुआ। इसकी जानकारी मिलने पर विहिप के शैलेश त्रिपाठी, मनीष, सुधांशु, दीपक शुक्ला आदि पहुंचे और 100 नंबर पर सूचना दे दी। मौके पर पहुंचे एसओ लंका रमेश यादव दक्षिण कोरिया के पार्क सूंगो और उनकी पत्नी सोंखे को थाने ले आए। पुलिस और खुफिया विभाग के लोगों ने दोनों से देर तक पूछताछ की। दंपती ने पुलिस को बताया कि वे स्टडी वीजा पर तीन साल से वाराणसी में हैं। दोनों ने दो साल तक बीएचयू में हिंदी भाषा सीखी। अब वे जवाहर नगर स्थित एक संस्थान में हिंदी सीख रहे हैं। वे लंका में एक अपार्टमेंट में किराए पर रहते हैं।
एसओ लंका रमेश यादव का कहना है धर्मांतरण की गलत सूचना दी गई थी। इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। दोनों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
राम मंदिर जरूरी, धर्मांतरण पर गंभीर विहिप
राम मंदिर मुद्दे पर विश्व हिन्दू परिषद मोदी सरकार की घेराबंदी करने के बजाए लोकतांत्रित तरीके से कानून बनाकर निर्माण कराने की मांग दोहराएगी। इसके विपरीत ‘घर वापसी’ के विवादित मुद्दे से कदम पीछे नहीं खीचेंगी। तय हुआ कि जो भी व्यक्ति वापस लौटना चाहते हैं उनकी ‘वापसी’ कराई जाए। इलाहाबाद में माघ मेला क्षेत्र में हुई विहिप मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में चार प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई लेकिन इन पर अंतिम मुहर शनिवार को संत सम्मेलन में लगेगी। शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के पांडाल में सम्मेलन का आयोजन किया गया है।
केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की शाम को हुई बैठक में राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव लोकसभा में रखने की मांग की गई। विहिप नेताओं ने राज्य सभा में प्रस्ताव के गिरने की आशंका भी जताई लेकिन यह भी कहा कि मोदी सरकार लोकसभा में प्रस्ताव पास कराकर मंदिर निर्माण कराए। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होगा। इसके पहले तक विहिप हर हाल में मंदिर निर्माण कराने की बात कहता रहा है। धर्मांतरण को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए संसद में कानून बनाने और इसका पूरी तरह पालन कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि धर्मांतरण मुगलों और अंग्रेजों के समय में होता रहा है। बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि ने भी कहा कि परावर्तन सदियों से होता रहा है और आगे भी होता रहेगा।
इसके साथ ही गौरक्षा पर कानून बनाने और बूचड़खानों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने, निर्मल गंगा-अविरल गंगा के कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई गई।