राम मंदिर के लिए सरकार पर दबाव बनाएगा संघ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अयोध्या में रामजन्म भूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगा। सर संघचालक मोहन भागवत ने साफ तौर पर कहा है कि हिंदू समाज अब सरकार की मजबूरियों को नहीं ढोएगा। मंदिर निर्माण का मसला बातचीत या आंदोलन के जरिए हल किया जाएगा।
वाराणसी के निवेदिता शिक्षा सदन में चल रही आरएसएस की वार्षिक योजना बैठक में अंतिम दिन राममंदिर मुद्दे पर संघ प्रमुख ने अपना नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की चाहे जो मजबूरी हो लेकिन यह सच है कि उसे जनमत मंदिर निर्माण के लिए भी मिला है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण की रणनीति तय करने के लिए नौ जुलाई को अयोध्या में संघ की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में संघ की दूसरी पंक्ति के पदाधिकारी और प्रशिक्षित कार्यकर्ता आगे की रणनीति पर मंथन करेंगे।
9 जुलाई को अयोध्या में जुटेंगे संघ कार्यकर्ता
अयोध्या में होने वाली इस बैठक की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि योजना बैठक में शामिल राष्ट्रीय पदाधिकारी रामचंद्र पांडेय को बैठक से ही अयोध्या के लिए रवाना कर दिया गया। उन्हें राम जन्मभूमि न्यास से जुड़े लोगों से संपर्क कर आगे की रणनीति तय करने का निर्देश दिया गया है।
वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक में संघ प्रमुख ने कहा कि संघ का लक्ष्य सरकार बनवाना नहीं बल्कि हिंदुत्व आधारित व्यवस्था का निर्माण करना है।
दोपहर में समापन सत्र में संघ प्रमुख ने काशी, गोरक्ष, अवध व कानपुर प्रांत के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना पूरा ध्यान संघ की शाखाओं को मजबूत करने और नए लोगों को जोड़ने में लगाएं।
भाजपा का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि संघ परिवार से जुड़े नेताओं का शाखाओं से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। यह दुखद है। ऐसी स्थिति क्यों आई, इस पर भी चिंतन जरूरी है। हमें अपनी कमियां खोजने और उन्हें दूर करने की जरूरत है। समापन सत्र को दत्तात्रेय होसबोल, मधुभाई कुलकर्णी और इंद्रेश कुमार ने भी संबोधित किया।