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शिव शक्ति संगम के जरिए अपनी ताकत दिखाएगा आरएसएस

Wed, 09 Dec 2015 07:51 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 09 Dec 2015 07:51 AM IST
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RSS to show case power on Jan 3

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आगामी 3 जनवरी को शिव शक्ति संगम के जरिए महाराष्ट्र के पुणे में अपनी ताकत दिखाएगा। अपनी ताकत दिखाने की कवायद में पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत के संघ की ओर से शिव शक्ति संगम नाम से एक दिवसीय महाशिविर का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।

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शिवसेना की ओर से रोजाना  मिल रहीं सियासी धमकियों के बीच संघ की रणनीति अपने बूते भाजपा की राजनीतिक जमीन तैयार करने की है। इसलिए संघ ने अपनी ताकत तौलने का मैदान पश्चिम महाराष्ट्र को बनाया है। यह इलाका एनसीपी प्रमुख शरद पवार के मजबूत पहचान के रूप में माना जाता है। लेकिन संघ की रणनीति मराठा क्षत्रप के मैदान में भगवा रंग चढ़ाने की है।
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इस कवायद में गांव-गांव में संघ को मजबूत बनाने की कोशिश चल रही है। ताकि समय आने पर इसका भाजपा को सियासी लाभ मिल सके। बताया जा रहा है कि शरद पवार के गढ़ में भगवा पैठ बढ़ाने के प्रयास में सतारा, सांगली, कोल्हापुर, अहमद नगर और ठाणे सरीखे जिलों में ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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संघ के कोंकण के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रमोद बापट ने अमर उजाला को कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि शिव शक्ति संगम को लेकर समाज में कौतूहल है। एक दिन के इस शिविर में 1 लाख से ज्यादा स्वयं सेवक उपस्थित रहेंगे।

शक्ति संगम से अपनी ताकत दिखाएगा संघ

RSS to show case power on Jan 3

उन्होंने बताया कि यह आयोजन संघ की अपनी ताकत तौलने की कवायद का हिस्सा है। हर तीन वर्ष के अंतराल में संघ अपनी ताकत को तौलता है। इस दिन एक लाख से ज्यादा स्वंयसेवक उपस्थित होंगे।

संघ प्रमुख मोहन राव भागवत खुद इस शिविर में उपस्थित रहकर स्वयं सेवकों को दिशा देंगे। हालांकि यह आयोजन संघ के पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत का है।

बावजूद उसके इसका राष्ट्रीय महत्व है। अब तक संघ के सफल शिविरों में स्वयं सेवकों की संख्या 35 हजार के करीब रही है। लेकिन इस आयोजन में 1 लाख गणवेश धारी (संघ ड्रेस) स्वयं सेवकों के उपस्थित रहने की उम्मीद है। बापट का कहना है कि इतने बड़े आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह एवं आनंद है।

गांव-गांव से स्वयं सेवक भारी संख्या में जुड़ रहे हैं। अब तक लगभग 65 से 70 हजार स्वयं सेवकों ने अपना न सिर्फ रजिस्ट्रेशन करवाया है बल्कि गणवेश भी तैयार करा लिए हैं।

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