भारत में शिक्षा को लेकर संघ का ये है खास 'एजेंडा'
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुखपत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में मानव विकास के लिए शिक्षा के भारतीयकरण को अहम करार दिया है।
पत्र का कहना है कि आज देश के सामाजिक-सांस्कृतिक जड़ों पर आधारित भारतीय शिक्षा की जरूरत है और इसका भारत के मानव विकास में इस्तेमाल किया जा सकता है।
साथ ही पत्र ने कहा कि यह शिक्षा का भगवाकरण नहीं है जैसा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व और इतिहासकार प्रचार करते हैं।
आर्गनाइजर ने अपने हालिया संस्करण के संपादकीय ट्रांसफार्मिंग एजुकेशन शीर्षक में लिखा है कि भारतीयकरण का मतलब भगवाकरण नहीं है।
कुछ इतिहासकारों पर उठाए सवाल
पत्र ने भारतीयकरण को भगवाकरण बताने के लिए कुछ जाने माने इतिहासकारों पर आरोप लगाया। साथ ही कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व भगवाकरण का हौवा खड़ा कर देश को गुमराह कर रहे हैं और शिक्षा क्षेत्र में ब्रिटिशकालीन विरासत को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
आर्गनाइजर ने लिखा है कि हमें शिक्षा के प्रति अपने रुख में मूलभूत बदलाव करने की जरूरत के बारे में आम सहमति तैयार करने की आवश्यकता है। अपना पेशेवर और बौद्धिक एकाधिकार खोने के डर से लोग हंगामा कर सकते हैं लेकिन भारत की जनसंख्या को मानव विकास केंद्र में बदलने का एकमात्र रास्ता हमारे सामाजिक-सांस्कृतिक जड़ों पर आधारित भारतीय शिक्षा है।
मुखपत्र ने कहा कि यह बदलाव लाने के लिए बहस, चर्चा और फाइन ट्यूनिंग जरूरी है। साथ ही पत्र ने लिखा कि किसी क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत नहीं है।