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शाह ने रखा सरकार का रिपोर्ट कार्ड, संघ ने गिनाई खामियां

Wed, 02 Sep 2015 11:39 PM IST
Updated Wed, 02 Sep 2015 11:39 PM IST
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RSS slam govt over less work for common man

सरकार और संघ की समन्वय बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी सरकार और भाजपा के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड रखा। शाह के जरिए पेश सरकार के कामकाज के ब्यौरे के बाद संघ संगठनों की ओर से कुछ खामियां भी गिनाई गईं।

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तीन दिनों तक चलने वाली संघ, सरकार और भाजपा की समन्वय बैठक के पहले दिन वैसे तो चर्चा आर्थिक विषयों पर थी। मगर शाह और सरकार के मंत्रियों ने अपने कामकाज के ब्यौरे से संघ के शीर्षस्थ नेताओं को अवगत कराया। हालांकि भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा है कि समन्वय बैठक में सरकार के कामकाज की समीक्षा सरीखे कोई चर्चा नहीं हुई है।
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मगर सूत्रों के अनुसार शाह के जरिए सरकार के कामकाज का ब्यौरा रखने के बाद कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमन, सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वित्त मंत्री अरूण जेटली ने अपने विभाग के कामकाज का ब्यौरा रखा।
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राधा मोहन ने कृषि क्षेत्र में किए गए कामकाज की जानकारी विस्तार से रखी है। कृषि के मामले पर पूरा एक सत्र चर्चा के लिए रखा गया था। खेती से कम होती आमदनी मुख्य रूप से संघ के लिए चिंता की वजह रही। इसपर सिंह ने अपने प्रयासों से परिवार को अवगत कराया।

राम मंदिर पर होगी चर्चा

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तो निर्मला ने मेक इन इंडिया, उद्योग नीति, और पेटेंट कानून पर चर्चा की। वहीं नितिन गडकरी ने अपने विभाग के जरिए किए जा रहे सड़क विकास के मामलों को रखा।

वित्त मंत्री जेटली ने देश की विकास रफ्तार और विश्व आर्थिक मंदी पर विस्तार से बात रखी। जेटली के रिपोर्ट पर संघ के कुछ संगठनों ने सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके कामकाज में आम आदमी के हित के काम उभर कर सामने नहीं आ रहे हैं। जबकि सरकार ने आम आदमी के हित में काफी काम किए हैं।

बैठक के दूसरे दिन गुरूवार को सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा होनी है। जिसमें राम मंदिर, धार्मिक जनगणना रिपोर्ट और गुजरात में पटेल आरक्षण आंदोलन जैसे मुद्दे शामिल हैं।

बैठक में संघ प्रमुख मोहन राव भागवत समेत संघ के शीर्ष अधिकरी मौजूद थे। जबकि सरकार की ओर से ब्यौरा पेश करने वाले मंत्रियों के अलावा अन्य वरिष्ठ मंत्री गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडु, रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर आदि भी इस बैठक में मौजूद रहे। इस बैठक के अंतिम दिन 4 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शिरकत कर सकते हैं।

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