फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   RSS says writers returning awards, Pakistan have a common goal

'अवार्ड लौटाने वाले लेखकों और पाक का एक ही लक्ष्य'

Sat, 24 Oct 2015 07:53 PM IST
Updated Sat, 24 Oct 2015 07:53 PM IST
विज्ञापन
RSS says writers returning awards, Pakistan have a common goal

आरएसएस का कहना है कि पाकिस्तान और अवार्ड लौटाने वाले लेखक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ फोबिया तैयार कर रहे हैं। आरएसएस के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ में कहा गया है कि हम देशभर में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के गवाह बन रहे हैं। ऐसा धार्मिक असहिष्णुता, अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी के प्रति सरकार के रवैये को लेकर हो रहा है।

विज्ञापन


मुंबई में भाजपा की राजनीतिक सहयोगी शिवसेना के पाकिस्तानी नेता कसूरी की किताब के अनावरण के मौके पर विरोध प्रदर्शन करने पर पाकिस्तान ने देश में बढ़ती असहिष्णुता और भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। इसी प्रकार हमारे बुद्धिजीवी साहित्यिक व्यक्तित्व अपना सम्मान लौटाकर ‘स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता के तानेबाने पर हमले’ के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। पत्र में विरोध करने वाले लेखकों को ‘वैचारिक असहिष्णुता’ को बढ़ावा देने का दोषी बताया गया है।

विज्ञापन

कई साहित्यकार लौटा चुके हैं अवार्ड

RSS says writers returning awards, Pakistan have a common goal

उत्तर प्रदेश के दादरी में गोमांस पकाने के आरोप में इकलाख की हत्या के बाद कई जानेमाने साहित्यकारों ने अपने अवार्ड सरकार को लौटा दिए हैं। इन साहित्यकारों का आरोप है कि देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हमले बढ़ रहे हैं और धार्मिक असहिष्णुता बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके सरकार ने हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को भी साहित्यकारों ने अपने विरोध का आधार बनाया है। इकलाख की हत्या के करीब दो हफ्ते तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर चुप्पी साधे रखी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जब इस मसले पर लोगों को अपनी सभ्यता और संस्कृति की याद दिलाई, उसके बाद पीएम ने भी बिहार की एक चुनावी रैली में लोगों से सद्भाव के साथ रहने की अपील की।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed