चुनावों में 272 सीट न मिलीं, तो ये होगा मोदी का दूसरा प्लान
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इस बार भाजपा ने नरेंद्र मोदी पर दांव लगाया है और दांव ऐसा है कि फिलहाल उनके अलावा किसी दूसरे नेता की न सुनी जा रही है और न चलने दी जा रही है। जाहिर है, पार्टी आला कमान के साथ-साथ मोदी को आरएसएस का भी पूरा साथ मिल रहा है।
लेकिन हाल में खबर आई थी कि अगर भाजपा 272 के आंकड़े तक नहीं पहुंची, तो क्या होगा। ऐसा कहा जाने लगा कि भाजपा इसके लिए प्लान बी तैयार कर रही है और ऐसी सूरत में मोदी को हटाकर किसी और नेता को प्रधानमंत्री के दावेदार के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, इसका जोरदार खंडन किया गया, लेकिन बात में दम जरूर है। इस बीच आरएसएस ने साफ किया है कि भाजपा और वो किसी प्लान बी पर काम नहीं कर रही।
संघ को भरोसा, मोदी की राह आसान
संघ का कहना है कि लोकसभा चुनावों में अगर किसी नेता के प्रधानमंत्री बनने की सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं, तो वो नरेंद्र मोदी हैं और अगर पार्टी अपने बूते जादुई आंकड़े तक पहुंचने में नाकाम रहती है तो दिशा क्या होगी, इसका फैसला भी मोदी ही करेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं ने इस बात से इनकार किया कि भाजपा में किसी प्लान बी पर चर्चा हो रही है। यानी अगर पर्याप्त संख्याबल नहीं आया, तो मोदी के बजाय किसी ऐसे नेता को उतारा जा सकता है, जो ज्यादा स्वीकार्य हो। लेकिन संघ ने इसे बेकार की बात बताया है।
उनके मुताबिक मोदी कामयाब नहीं रहेंगे, ऐसा वो मान ही नहीं रहे, क्योंकि देश भर में मोदी के समर्थन वाले चुनाव प्रचार अभियान को गजब का समर्थन मिल रहा है। उनका आकलन है कि मोदी बिना किसी दिक्कत के शीर्ष पद तक पहुंच जाएंगे।
डिप्टी पीएम की बातों में दम नहीं?
आरएसएस के सूत्र ने गुरुवार को बताया, "मोदी की जगह किसी और नेता को खड़ा करना या डिप्टी पीएम नियुक्त करने की बातें कोरी बकवास हैं। सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि चुनावों के बाद मोदी क्या चाहते हैं?"
उन्होंने कहा, "या तो मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे या फिर भाजपा विपक्ष में बैठेगी। आगे क्या करना है, दूसरे नेताओं से सलाह-मशविरा के बाद मोदी ही इस बात का फैसला करेंगे।"
उन्होंने कहा, "संघ का साफ मानना है कि सत्ता तक पहुंचने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। अगर आपको पर्याप्त सीटें मिलेंगी, तो सरकार बनाइए। वरना अपनी बारी का इंतजार कीजिए।"
पंजाब से शुरू हुआ था बवाल
संघ के नेता ने कहा, "लेकिन हमें नहीं लगता है कि ऐसी स्थिति पैदा होगी। भाजपा मोदी की अगुवाई में देश में अगली सरकार बनाने की ओर आसानी के साथ बढ़ रही है।"
आरएसएस का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भाजपा में यह कयास गर्म हैं कि चुनाव बाद की संभावनाएं क्या होंगी और क्या मोदी लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज या पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के लिए रास्ता बनाएंगे?
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सुझाव दिया था कि भाजपा के अमृतसर उम्मीदवार अरुण जेटली एनडीए के सरकार बनाने पर उप प्रधानमंत्री बन सकते हैं। इसके बाद डिप्टी पीएम की चर्चा शुरू हुई। हालांकि, जेटली से इससे इनकार किया था।
राजनाथ के ट्वीट ने बढ़ाया विवाद
बुधवार को मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री सुरेंद्र पटवा ने कहा कि सुषमा स्वराज आने वाले वक्त में डिप्टी पीएम का पद संभाल सकती हैं। सुषमा मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
राजनाथ ने दो विवादित ट्वीट से इस विवाद को और बढ़ाने का काम किया। उन्होंने पहले लिखा, "अब की बार, भाजपा सरकार।" लेकिन जैसे ही इस ट्वीट के अलग मायने निकाले गए और उन्होंने 33 मिनट बाद दूसरा ट्वीट किया, "अब की बार, मोदी सरकार।"
एक अन्य आरएसएस नेता ने कहा, "हम इस तरह कतई नहीं सोचते। यह सिर्फ कयासबाजी है और संघ का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस अभियान की अगुवाई मोदी ने की है और अंतिम फैसला भी वही करेंगे। इसमें कोई शक नहीं है।"
टिकट बंटवारे पर संघ नाराज?
आरएसएस ने टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में खड़े हुए संकट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लालकृष्ण आडवाणी ने अचानक गांधीनगर से न लड़कर भोपाल जाने की बात कही थी।
सुषमा स्वराज ने टिकटों को लेकर विरोध जताया और साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह को बाड़मेर सीट से मौका न दिए जाने को लेकर निराशा भी जताई थी।
संघ नेता बार-बार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उनकी डिप्टी भइयाजी जोशी इन मुद्दों में कोई भूमिका नहीं रखते। लेकिन हकीकत सिर्फ भाजपा-संघ जाते हैं।