फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   rss says advani should not be away from bjp

आडवाणी ने BJP छोड़ी तो आग लग जाएगी!

Thu, 19 Dec 2013 04:51 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 19 Dec 2013 04:51 PM IST
विज्ञापन
rss says advani should not be away from bjp

बहुत दिनों की बात है, एक गांव में महिला थी जिसके कारनामे से पूरा गांव धनवान बन गया था, लेकिन खुद उसका परिवार गरीब रह गया। और आगे कुछ ऐसा हुआ, जो चौंकाने के लिए काफी है।

विज्ञापन


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यही कहानी सुनाते हुए भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को पार्टी में अपनी भूमिका निभाते रहने का आग्रह किया, ताकि 'गांव को आग न लगे।'
विज्ञापन


आडवाणी की जरूरत बरकरार
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक आडवाणी के ब्लॉग के तीन संकलन का विमोचन करते हुए भागवत ने साफ संदेश दिया कि संघ परिवार को आडवाणी के अनुभव की जरूरत है। और उन्हें पार्टी से दूरी नहीं बनानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


भागवत ने कहा, "वहीं रहना...ताकि गांव को आग न लगे..जो भी जीवन में आपको मिलेगा, उसको आपको हमेशा अच्छे मायने खोजने चाहिए।"

इन चुटकुलों ने किया केजरीवाल की नाक में दम!


अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने एक कहानी सुनाई। आरएसएस प्रमुख ने कहा, "एक गांव में गृहिणी ने हवन कुंड में तम्बाकू थूका, जो सोने के टुकड़े में बदल गया। जब वह घर लौटी, तो किस्सा पति को सुनाया। पति ने कहा कि यह बात किसी और को मत बताना। लेकिन जल्द ही यह बात पूरे गांव में फैल गई और सभी लोगों ने सोना पाने के लिए हवन कुंड में थूकना शुरू कर दिया।"


'पार्टी से दूर न जाएं आडवाणीजी'

उन्होंने आगे कहा, "उन्हें छोड़कर सारा गांव रईस हो गया। साल भर बाद जब उन्हें कोई सोना नहीं मिला, तो नाखुश पत्नी ने अपने पति से गांव छोड़कर चले जाने को कहा। वह नहीं माना, लेकिन पत्नी के धमकी देने पर उसे राजी होना पड़ा। उन्होंने गांव छोड़ दिया और पहाड़ी पर पहुंचे। जब पीछे मुड़कर देखा, तो पूरा गांव जल रहा था और लोग चिल्ला रहे थे।"

भागवत ने कहा, "महिला ने पति से पूछा कि क्या उसे पता था कि ऐसा होने वाला है। तब पति ने बोला कि गांव तभी तक सुरक्षित था, जब तक वे लोग वहां मौजूद थे। सबको सोना मिलता था। हम यह काम नहीं करते थे। हम वहां थे, इसलिए गांव सुरक्षित था।"

आडवाणी की ओर मुड़कर उन्होंने कहा, "आडवाणीजी राजनीति में हैं। कैसे रहना...वहीं रहना और उन्हीं लोगों में रहना, ताकि गांव को आग न लगे।"

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed