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भाजपा में धीरे-धीरे बदलेगा संघ प्रतिनिधियों का चेहरा

Fri, 21 Jun 2013 12:30 AM IST
नई दिल्ली/हिमांशु मिश्र
नई दिल्ली/हिमांशु मिश्र Updated Fri, 21 Jun 2013 12:30 AM IST
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rss representatives will change in bjp gradually

भाजपा में शामिल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधियों का चेहरा बदल जाएगा। संघ धीरे-धीरे पार्टी में भेजे गए अपने लगभग सभी प्रतिनिधियों को वापस बुला कर नए चेहरों को आजमाएगा।

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जुलाई में अमरावती में संघ कार्यसमिति की संभावित बैठक में इस बदलाव का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया जाएगा। बदलाव का दौर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के बाद से शुरू हो पाएगा।
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उल्लेखनीय है कि संघ से भाजपा में भेजे गए ऊपर से नीचे तक के सभी प्रतिनिधियों की ढेरों शिकायतें मिलने के बाद बदलाव पर मंथन शुरू हुआ था। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की सीधी शिकायत ने इस मामले में संघ को गंभीर रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।
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दरअसल संघ की ओर से भाजपा में भेजे गए प्रतिनिधियों के संबंध में संघ प्रमुख को पहले से ही कई शिकायतें मिलती रही हैं। खासतौर से राज्यों के संगठन मंत्रियों के कई किस्से लोगों की जुबान पर हैं। जिसे पार्टी नेता चटखारे ले कर सुनाते रहते हैं।

इस बीच, आडवाणी ने पार्टी में संघ के सबसे बड़े प्रतिनिधि सुरेश सोनी और संगठन महासचिव रामलाल की शिकायत संघ प्रमुख से कर दी।

संघ सूत्रों के मुताबिक बृहस्पतिवार को हुई आडवाणी और भागवत की सवा घंटे की बैठक के दौरान सर्वाधिक चर्चा संघ के प्रतिनिधियों की ही हुई।

आडवाणी सुरेश सोनी और रामलाल को तत्काल हटाए जाने के पक्ष में थे। मगर भागवत ने उन्हें लोकसभा चुनाव के बाद बदलाव शुरू करने का आश्वासन दिया। संघ सूत्रों का कहना है कि आडवाणी ने भी भागवत के इस प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।

वैसे भी संघ प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भाजपा के कई नेताओं का खासा एतराज रहा है। मगर नेता इन प्रतिनिधियों से उलझने से परहेज करते रहे हैं।

खासतौर से टिकट वितरण और टीम गठन के मामले में बीते दिनों संघ के प्रतिनिधि ही आपस में उलझ गए थे। अब भी संगठन महासचिव रामलाल के साथ संयुक्त संगठन महासचिव सौदान सिंह और वी सतीश का छत्तीस का आंकड़ा है।

संघ सूत्रों का कहना है कि बदलाव की प्रक्रिया पर पहले ही मंथन जारी था। खासतौर पर जब संघ प्रमुख की इच्छा के बावजूद नितिन गडकरी को पार्टी में बतौर अध्यक्ष दूसरा कार्यकाल नहीं मिल पाया था।


गडकरी की राह में रोड़ा अटकाने के मामले में सोनी की भूमिका से संघ प्रमुख पहले से ही असहज थे। अब आडवाणी की शिकायत ने भागवत को ऑपरेशन क्लीन शुरू करने का बड़ा बहाना दे दिया है।

नई योजना के तहत अमरावती में संघ इस बदलाव का ब्लू प्रिंट तैयार कर पार्टी में सेवा देने के लिए नए चेहरों की सूची तैयार करेगा।

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