धर्मांतरण और हिंदुत्व पर डैमेज कंट्रोल में जुटे संघ और मोदी
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धर्मांतरण और भगवा ब्रिगेड के विवादित बयानों से संघ की छवि को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए वह अपने सेवा कार्यों को आगे लाने की तैयारी कर रहा है। इसी प्रयास में संघ अगले साल अप्रैल में राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय सेवा संगम नाम का कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।
राष्ट्रीय सेवा संगम से पहले 21 दिसंबर को दिल्ली में ही संघ वनवासी रक्षा परिवार कुंभ 2014 का आयोजन करेगा। इस आयोजन के तहत संघ प्रमुख मोहन राव भागवत उन एक लाख परिवारों का सम्मान करेंगे, जोकि संघ के एकल अभियान के लिए आर्थिक सहयोग करते हैं।
4 से 6 अप्रैल तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सेवा संगम-2015 के जरिए संघ देशभर में किए जा रहे अपने सेवा कार्यों को दुनिया के सामने रखेगा। बताया जा रहा है कि इस आयोजन का उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम के अलावा इस आयोजन में साध्वी आनंदमयी भी भाग लेंगी।
राष्ट्रीय सेवा संगम 2015 का आयोजन
राष्ट्रीय सेवा भारती के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के लक्ष्मण मलय ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि राष्ट्रीय सेवा संगम 2015 का आयोजन संघ के सेवा कार्यों में नई सोच पैदा करने के मकसद से है।
इस आयोजन में संघ के सेवा कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित करने के साथ सेवा कार्य में सहयोग देने वालों का उत्साह बढ़ाया जाएगा। लक्ष्मण ने बताया कि संघ की ओर से देशभर में 200 प्रकार के एक लाख 60 हजार सेवा के प्रकल्प चलाए जाते हैं। राष्ट्रीय सेवा संगम में देश भर से संघ के सेवा कार्यों से जुडे़ लोगों को बुलाया गया है। साथ ही अन्य गैर सरकारी संस्थाओं को भी जोड़ने का प्रयास जारी है। देशभर से ऐसे उद्योगपतियों को भी बुलाया गया है जोकि अपने कॉरपोरेट सोशल फंड के जरिए संघ के सेवा कार्यों को सहयोग करते हैं। वहीं विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री जुगल किशोर का कहना है कि धर्म के कार्यों के अलावा विहिप सेवा के कई कार्य चलाता है।
सेवा भारती ने बढ़ाया कार्य का दायरा
संघ के सेवा कार्यों को अंजाम देने में जुटी राष्ट्रीय सेवा भारती ने अपने सेवा कार्य का दायरा बढ़ाते हुए अन्य गैर सरकारी संस्थाओं को भी अपने साथ जोड़ा है। अब तक परोक्ष रूप से देशभर के 480 संस्थाएं उससे जुड़ चुकी हैं, लेकिन सेवा भारती का लक्ष्य 2015 के अंत तक अपने साथ 1000 संस्थाओं को जोड़ने का है।