हेमा मालिनी की जीत के लिए संघ ने बनाई खास रणनीति
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अयोध्या, काशी के बाद देश की वीआईपी सीट में शामिल मथुरा की लोकसभा सीट को आरएसएस हर हाल में जीतना चाहता है। इसके लिए संघ ने भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी की चुनाव कमान अपने हाथों में ले ली है।
गुरुवार को केशवधाम में आरएसएस के अनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाजपा प्रत्याशी के साथ बैठकर चुनाव जीतने की रणनीति बनाई।
बैठक केशवधाम में बंद कमरे में सुबह नौ बजे शुरू हुई। प्रारंभ में संघ के प्रांत प्रचारक दिनेश जी ने सभी अनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारियों और भाजपा के लोकसभा समन्वयक से मिलकर चुनाव में जीत के लिए जुट जाने का आह्वान किया।
बताया गया कि अयोध्या और काशी के साथ ही मथुरा सीट पर जीत का सांकेतिक महत्व है। बैठक में कार्यकर्ताओं कोई भी ऐसा कार्य न करने के लिए ताकीद दी गई जिससे प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता का मामला बने।
हेमा ने कहा, ब्रज की भूमि मेरा घर
वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि आचार संहित उल्लंघन का मामला बनने पर प्रत्याशी और पार्टी की साख पर असर पड़ता है। बैठक में लोकसभा प्रत्याशी हेमा मालिनी ने भी अपनी बात रखी।
पार्टी के सूत्रों के अनुसार उन्होंने आरएसएस और भाजपा नेताओं के समक्ष प्रस्ताव रखा कि उन्हें एक ही व्यक्ति चुनाव कार्यक्रमों को लेकर निर्देशित करे, क्योंकि अलग-अलग लोगों के निर्णय से भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
हेमा मालिनी ने फिर कहा कि ब्रज में उनकी आत्मा बसती है। जीतने के बाद वह जनता की अपेक्षाओं पर शत प्रतिशत खरा उतरने का प्रयास करेंगी। पूरा ब्रज उनका घर है, यहां के लोग उनके परिवार के सदस्य।