'सांप्रदायिक मुस्लिम नेता जैसे बोलते हैं हामिद अंसारी'
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मुस्लिम समुदाय के सशक्तिकरण की जरूरत जोर देने के सवाल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की आलोचना की है।
पिछले दिनों अंसारी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि देश के मुसलमानों के सामने सुरक्षा, शिक्षा और पहचान का संकट है, जिस कारण उन्हें सशक्तिकरण की जरूरत है। संघ ने अपने मुखपत्र पांचजन्य में कहा है कि वह एक सांप्रदायिक मुस्लिम नेता की तरह बोलते हैं। उपराष्ट्रपति के पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती।
मुखपत्र में कहा है कि मुसलमानों के साथ भेदभाव किए जाने की बात करने के बजाय अंसारी को मुसलमानों को यह बताना चाहिए कि कैसे कट्टरपंथी उन्हें समाज के साथ जुड़ने से रोक रहे हैं।
'अंसारी का भाषण सांप्रदायिक नेता की तरह'
अंसारी ने कहा था कि भारत में मुस्लिम पहचान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। लेख में कहा गया है कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ए मुशावरत में अंसारी का भाषण काफी निराशाजनक था, क्योंकि यह भाषण एक सांप्रदायिक मुस्लिम नेता की तरह था।
उपराष्ट्रपति से अपेक्षा की जाती है कि वह किसी खास समुदाय के बारे में बात नहीं करेंगे, बल्कि सबकी भलाई की बात करेंगे।
लेख में कहा गया है कि इस्लाम और आधुनिकता दो ध्रुव की तरह है जिनका कभी मिलन नहीं हो सकता, लेकिन अंसारी जैसे नेता मुसलमानों से ये बात नहीं कहते।