भागवत बोले, किसी एक ने नहीं दिलाई जीत
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान को लेकर उनपर परोक्ष रूप से निशाना साधा है।
एक कार्यक्रम में ओडिशा पहुंचे संघ प्रमुख भागवत ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि लोकसभा चुनाव में किसी एक आदमी ने एनडीए को जीत नहीं दिलाई। उन्होंने कहा कि एनडीए की जीत का श्रेय जनता को जाता है।
गौरतलब है कि शनिवार को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की जीत में अमित शाह को 'मैन ऑफ द मैच' बताया था। भागवत का निशाना मोदी के इसी बयान की तरफ था।
भागवत ने कहा कि जनता यूपीए सरकार से ऊब चुकी थी और बदलाव चाहती थी। यह सब किसी एक दल या नेता की वजह से नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि इससे पहले के चुनावों में भी यही पार्टी और लोग थे, लेकिन ऐसा बदलाव संभव नहीं हो सका। कुछ लोग इस जीत का श्रेय पार्टी को देते हैं तो कुछ 'व्यक्ति विशेष' को, लेकिन जीत तभी मिली, जब देश की जनता ने निर्णय किया।
'भारत में रहने वाले सभी लोग हिंदू'
मोहन भागवत ने कहा है कि अगर इंग्लैंड में रहने वाले अंग्रेज हैं, जर्मनी में रहने वाले जर्मन हैं और अमेरिका में रहने वाले अमेरिकी हैं तो फिर हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोग हिंदू क्यों नहीं हो सकते।
रविवार को ओड़िया भाषा के एक साप्ताहिक के स्वर्ण जयंती समारोह में भागवत ने कहा, सभी भारतीयों की सांस्कृतिक पहचान हिंदुत्व है और देश में रहने वाले इस महान संस्कृति के वंशज हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक जीवन शैली है और किसी भी ईश्वर की उपासना करने वाला या किसी की उपासना नहीं करने वाला भी हिंदू हो सकता है।
भागवत ने इस संबंध में स्वामी विवेकानंद का हवाला दिया और कहा कि किसी ईश्वर की उपासना नहीं करने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि कोई व्यक्ति नास्तिक है, हालांकि जिसका खुद में विश्वास नहीं है वो निश्चित तौर पर नास्तिक है।
उन्होंने कहा कि दुनिया अब मान चुकी है कि हिंदुत्व ही एकमात्र ऐसा आधार है जिसने भारत को प्राचीन काल से तमाम विविधताओं के बावजूद एकजुट रखा है।