पाक पर ढुलमुल नीति से मोदी से नाराज संघ
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मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बेहद खफा है। संघ नेतृत्व ने अपनी इस भावना से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी अवगत करा दिया है।
पहले नागपुर और फिर दिल्ली में शाह के साथ हुई संघ नेताओं की लंबी बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई उसमें भारत सरकार की डांवाडोल पाकिस्तान नीति भी शामिल थी।
सोमवार को पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस समारोह में हुर्रियत नेताओं की मौजूदगी में विदेश राज्य मंत्री जनरल(रि) वी.के. सिंह का शामिल होना और बाहर निकलकर ट्वीट करके सरकार की किरकिरी कराने से संघ नेता और असहज हैं।
भारत के विरोध के बावजूद पाक उच्चायुक्त ने मंगलवार को भी हुरिर्यत नेताओं से मुलाकात करके जता दिया कि पाकिस्तान को भारत के विरोध की परवाह नहीं है।
संघ का मानना सरकार की पाक-नीति प्रभावित हो रही है
संघ नेतृत्व को लग रहा है कि प्रधानमंत्री की वैश्विक नेता बनने की आकांक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के दबाव से सरकार की पाकिस्तान नीति प्रभावित हो रही है।
संघ नेतृत्व का मानना है कि दो दिन के भीतर लगातार जम्मू के कठुआ और सांबा में आतंकवादी हमलों को लेकर पाकिस्तान को जो कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए था, राष्ट्रीय दिवस में हुर्रियत नेताओं की मौजूदगी में विदेश राज्य मंत्री की शिरकत ने उसे लचर कर दिया।
यह जानकारी देने वाले संघ के एक प्रमुख नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद सार्क देशों के बहाने नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भी दिल्ली बुलाया।
मोदी के रुख से संघ नाखुश
लेकिन उसके बाद पाक उच्चायुक्त की अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं के साथ हुई मुलाकात के मुद्दे पर कठोर रुख अपनाकर पाकिस्तान के साथ सचिव स्तर की वार्ता को तोड़कर मोदी सरकार ने देश की जनता और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संदेश दिया कि भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार राष्ट्रहित के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों की भांति समझौता नहीं करेगी।
गौरतलब है कि अंतिम समय पर तत्कालीन विदेश सचिव सुषमा सिंह की पाकिस्तान यात्रा सीधे प्रधानमंत्री के आदेश से रोकी गई थी। इसके लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक को विश्वास में नहीं लिया गया था। मोदी के इस रुख से संघ नेतृत्व खासा प्रसन्न भी हुआ था।
पाकिस्तान के प्रति भारत के बदले रुख से संघ खफा
लेकिन अचानक पिछले दो महीनों से पाकिस्तान के प्रति भारत के बदले रुख ने संघ नेतृत्व को खासा असहज कर दिया है। पहले सार्क देशों की यात्रा के बहाने विदेश सचिव जयशंकर इस्लामाबाद गए। जबकि पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित लगातार हुर्रियत नेताओं से मिलते रहे।
बल्कि जब जयशंकर पाकिस्तान में थे, बासित ने तब भी हुर्रियत नेताओं से मुलाकात की। अब 23 मार्च को पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए पाकिस्तान को बधाई दी, बल्कि इसके समारोह में विदेश राज्य मंत्री जनरल(रि) वी.के. सिंह ने शिरकत भी की और वह भी तब जबकि खुलेआम पाकिस्तान ने इसमें हुर्रियत नेताओं को भी बुलाया।