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आसाराम बापू पर 700 करोड़ की भूमि कब्जाने का आरोप

Wed, 16 Jan 2013 08:57 PM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Wed, 16 Jan 2013 08:57 PM IST
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rs 700 crore land grab case against asaram bapu

गैंगरेप पीड़ित पर बेतुकी टिप्पणी करने के बाद देश भर में आलोचना झेलने वाले आसाराम बापू अब नए विवाद में फंस गए हैं। उन पर मध्यप्रदेश में 700 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने का आरोप लगा है।

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सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिस (एसएफआईओ) मध्यप्रदेश के रतलाम में 200 एकड़ जमीन हड़पने के आरोप में आसाराम, उनके बेटे और कई अन्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और कंपनी एक्ट 1956 के तहत मुकदमा दर्ज करना चाहता है।
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कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के निर्देश पर मामले की जांच कर रहे एसएफआईओ ने अपनी सिफारिशें मंत्रालय को भेज दी हैं। हालांकि आसाराम बापू ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें एसएफआईओ से पत्र मिला है, जिसमें आसाराम बापू, उनके बेटे नारायण साई और अन्य कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है। यह जमीन मध्य प्रदेश में दिल्ली-पुणे फ्रेट कॉरिडोर पर स्थित जयंत विटामिंस लिमिटेड (जेवीएल) की है, जिसे गैर कानूनी तरीके से वर्ष 2000 में हड़प लिया गया और तभी से इसका प्रयोग किया जा रहा है।

जेवीएल एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है, जिसे 2004 में बांबे स्टॉक एक्सचेंज से जरूरी लिस्टिंग फीस नहीं भर पाने के कारण डिलिस्ट कर दिया गया था। यह कंपनी विभिन्न फार्मा कंपनियों को ग्लूकोज और विटामिन की सप्लाई किया करती थी।

हैरानी की बात यह है कि इस मामले में जेवीएल की तरफ से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। कंपनी के एक शेयरहोल्डर ने मंत्रालय में अनियमितताओं की शिकायत की थी। इस मामले को मंत्रालय ने वर्ष 2010 में एसएफआईओ को ट्रांसफर कर दिया था, जिसने दो साल की जांच के बाद अपनी सिफारिशें मंत्रालय को भेजी हैं।


हालांकि आश्रम की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार एसएफआईओ की टीम ने आसाराम या नारायण साई से कोई संपर्क नहीं किया है। बयान के अनुसार, ‘मीडिया से हमारा निवेदन है कि पूरे तथ्यों को जानने के बाद ही कोई खबर पेश करें। मीडिया को लोगों के विश्वास के साथ नहीं खेलना चाहिए।’

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