फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Rs 100 fine to avoid voting in civic polls of Gujrat

वोट नहीं डाला तो देना होगा 100 रुपये का जुर्माना

Fri, 07 Aug 2015 07:01 PM IST
Updated Fri, 07 Aug 2015 07:01 PM IST
विज्ञापन
Rs 100 fine to avoid voting in civic polls of Gujrat

गुजरात सरकार ने निकाय चुनावों में वोटिंग को अनिवार्य करते हुए वोट नहीं देने वाले लोगों पर 100 रुपये का जुर्माना लगाने के फैसले को मंजूरी दे दी है।  सरकार ने पिछले साल नवंबर में ही निकाय चुनावों में सौ फीसदी मतदान को अनिवार्य कर दिया था लेकिन जुर्माना तय नहीं हुआ था। सरकार के इस फैसले के बाद वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

विज्ञापन


पिछले कई सालों से गुजरात निकाय चुनावों में वोटिंग प्रतिशत 50 से 60 फीसदी के आस-पास रहा। सरकार ने वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को वोट करने के लिए प्रेरित करने के लिए सरकार ने वोटिंग को अनिवार्य करने का फैसला किया था। हालांकि, इसके लिए गुजरात सरकार को कड़ी आलोचनाओं से भी गुजरना पड़ा था।
विज्ञापन


गुजरात सरकार के इस फैसले के बारे में राज्य में पंचायत, ग्रामीण आवास और ग्रामीण विकास मंत्री जयंतीभाई कवाडिया ने बताया कि स्थानीय चुनावों में वोटिंग अनिवार्य करने वाले प्रावधान से जुड़े गुजरात स्थानीय प्राधिकार कानून (संशोधन) कानून, 2009 के तहत छूटों तथा नियमों को उनके विभाग ने मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वाजिब कारण बताकर जुर्माने से बच सकते हैं

Rs 100 fine to avoid voting in civic polls of Gujrat

इस नियम के लागू होने के बाद गुजरात में वोटिंग को अनिवार्य करने वाला देश का पहला देश बन गया है। कवाडिया ने बताया कि इन नए कानून के तहत वोट नहीं डालने वाले व्यक्ति को 100 रुपये का जुर्माना देना होगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अगर वोट नहीं डालने का वाजिब कारण बताकर जुर्माने से बचा जा सकता है। सरकार के इस फैसले पर कुछ अधिकारियों का मानना है कि 100 रुपये बतौर जुर्माना लोगों से लेना एक बेहद ही खर्चीला और प्रशासनिक स्तर पर काफी कठिन काम है।

गौरतलब है कि पहले सरकार ने 500 रुपये जुर्माना लगाने का निर्णय किया था लेकिन चौतरफा आलोचना और विरोध होने के डर से उसने 100 रुपये ही लेने का फैसला किया। गुजरात सरकार अपने इस फैसले से लोगों को वोटिंग करने के लिए और प्रेरित करना चाहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed