काशी में धर्मांतरणः ग्रामीणों ने कहा, 'हम कभी ईसाई थे ही नहीं'

Avanish Pathakअवनीश पाठक Updated Mon, 12 Oct 2015 01:33 PM IST
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वाराणसी में जिन ग्रामीणों पर धर्मांतरण करने का आरोप लग रह था उन्होंने कहा है कि वे कभी ईसाई थे ही नहीं। उन्होंने धर्म नहीं बदला। वे हिंदू हैं और हिंदू ही रहेंगे। पुलिस ने इलाके में किसी का भी धर्मांतरण कराए जाने से इनकार किया।
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टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पुलिस ने कथित घर वापसी अभियान के एक आयोजक चंद्रमा बिंद को शनिवार को हिरासत में ले लिया। बिंद के दो अन्य सहयोगी मुधबन यादव और शिवबचन गुप्ता फरार हैं।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को धर्म जागरण समन्वय समिति नाम एक संगठन ने विज्ञप्ति जारी कर दावा किया था कि वाराणसी के हरहुआ ब्लॉक के चार गांवों में 38 परिवारों को 315 सदस्यों को एक आयोजन में ईसाई से हिंदू बनाया गया।
औसानपुर में ग्राम देवता पूजन समिति (डीह बाबा) के संयोजक चंद्रमा बिंद के नेतृत्व में धर्मांतरण अभियान का आयोजन किया गया था, जिसे 'घर वापसी' नाम दिया गया। कार्यक्रम में गांव के ही पुरोहित धीरज चौबे ओर नागेश चौबे ने ग्रामीणों का कथित पवित्रीकरण किया।
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चंद्रमा बिंद के नेतृत्व में किया गया था धर्म परिवर्तन

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