एक और घोटाला, किसने खाए 600 करोड़?
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ब्रिटिश की नामचीन कंपनी रॉल्स रॉयस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से 10,000 करोड़ रुपये का सौदा हासिल करने के लिए कमीशन के तौर पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए।
रक्षा मंत्रालय ने सीबीआई को यह पता करने का जिम्मा सौंपा है यह रकम किस-किस हाथ से होकर गुजरी है।
सीबीआई करेगी जांच
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कमीशन की यह रकम लंदन स्थित कंपनी ने बीच की कंपनियों को दिया ताकि रक्षा सौदे हासिल किए जा सकें।
सीबीआई को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है और उसे यह पता करने को कहा गया है कि यह पैसा कहां-कहां से गुजरा है। जांच एजेंसी यह पता करेगी कि किन लोगों को इस पैसे का फायदा मिला।
आधा पेमेंट हो चुका है
रॉल्स रॉयस पिछले पांच साल में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को 5000 करोड़ रुपये दे चुकी है।
रॉल्स रॉयस ने माना है कि उसने अशोक पटनी और सिंगापुर स्थित उसकी कंपनी आशमोर प्राइवेट लिमिटेड को एचएएल के साथ कारोबार में मदद के लिए नियुक्त किया था।
गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को सौदे में कमीशनखोरी की जांच पूरी होने तक रॉल्स रॉयस के साथ भविष्य के सारे सौदों पर रोक लगा दी है। मंत्रालय ने लंदन स्थित कंपनी से कमीशन के तौर पर दी गई रकम भी वसूलने की ठानी है।