रोहित आत्महत्या: जांच के लिए बनेगा आयोग
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हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले की सच्चाई जानने के लिए भेजी गई टीम की रिपोर्ट के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पूरे मामले की कड़ी जोड़ने के लिए एक न्यायिक आयोग बनाने का फैसला किया है।
मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि आयोग तीन माह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इसमें कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विश्वविद्यालयों के सभी कुलपतियों और वरिष्ठ प्रशासकों को संवेदनशील बनाया जाएगा ताकि उनके पास तक छात्रों की समस्या पहुंच सके।
इसमें यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसरों में भेदभाव की किसी भी घटना को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
ये है मामला
तथ्य की खोज करने गई टीम ने मंत्रालय को शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
बयान में कहा गया है कि टीम के अवलोकन और निष्कर्ष के आधार पर मंत्रालय ने
न्यायिक आयोग बनाने का फैसला किया है।
बीते रविवार को रोहित का शव
विश्वविद्यालय के एक होस्टल के कमरे से लटका हुआ बरामद किया गया था। इसके
बाद देश भर में भारी विरोध प्रदर्शन हुए।
रोहित ने अपने पत्र में जीवन के
प्रति निराशा जताई थी लेकिन इस आत्महत्या की घटना के बाद राजनीतिक बवाल
खड़ा होगा।