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स्मृति Vs मायावती: 'बहस को तैयार तो हंगामा क्यों'

Wed, 24 Feb 2016 07:14 PM IST
Updated Wed, 24 Feb 2016 07:14 PM IST
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Rohit vemula and JNU row in Parliament.

उम्मीद के मुताबिक संसद के बजट सत्र की शुरूआत हंगामेदार हुई है। जैसे ही संसद की कार्यवाही शुरू हुई राज्यसभा में रोहित वेमुला मामले को लेकर बीएसपी सांसदों ने जमकर हंगामा किया।

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दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या का मुद्दा बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर रोहित मामले में बनाई गई कमेटी में कोई दलित प्रतिनिधि शामिल होगा या नहीं?
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बीएसपी की मांग थी कि रोहित वेमुला मामले पर सदन में चर्चा हो। जिसके लिए सरकार तैयार भी हो गई। सरकार की ओर से कहा गया कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के बाद अपना बयान रखेगी। लेकिन बीएसपी सांसद शांत नहीं हुए। उन्होंने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के इस्तीफे की मांग की।
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दूसरी ओर स्मृति ईरानी ने बीएसपी सांसदों से अपील में कहा कि मैं पूरे मामले में जवाब देने को तैयार हूं। अगर आप मेरे जवाब से संतुष्ट नहीं हों तो मेरा सिर कलम कर देना। सदन में भारी शोर-शराबे के बीच स्मृति ईरानी ने दो टूक कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

सुबह 11 बजे जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई रोहित वेमुला मामले को लेकर हंगामा होने लगा। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने अपनी बात शुरू की इसके बाद ही हंगामा होने लगा। जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई।

राज्यसभा में बीएसपी ने की जमकर नारेबाजी

Rohit vemula and JNU row in Parliament.

राज्यसभा में हंगामे के बीच सरकार की ओर से मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने बीएसपी और बाकी विपक्ष पर निशाना साधते हुए सियासत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आखिर एक छात्र की मौत के मुद्दे का सियासी इस्तेमाल कौन कर रहा है?

इससे पहले रोहित वेमुला के मुद्दे को उठाते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि दलित छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है।

सीपीएम सांसद सीताराम येचुरी ने कहा कि मायावती जी बस ये जानना चाहती हैं कि रोहित वेमुला केस की जांच समिति में कोई दलित व्यक्ति शामिल किया जाएगा।

दूसरी ओर लोकसभा में जेएनयू मामले की गूंज देखने को मिली। विपक्ष चर्चे की मांग पर अड़ा था। विपक्ष की ओर से कहा गया कि सरकार सदन में उन्हें बोलने नहीं दे रही।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हम सदन में बात करना चाहते थे लेकिन हमें बोलने नहीं दिया गया। दरअसल वो डरे हुए हैं इसलिए ऐसा कर रहे हैं।

हालांकि विपक्ष की मांग के बाद लोकसभा में जेएनयू मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई। दोनों ओर से इस पर सवाल-जवाब किया गया।

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