{"_id":"c575857e-6f86-11e2-9304-d4ae52bc57c2","slug":"rohini-court-awards-death-sentence-to-serial-killer-chandrakant-jha","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर काटने वाले सीरियल किलर चंद्रकांत को फांसी","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सिर काटने वाले सीरियल किलर चंद्रकांत को फांसी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 05 Feb 2013 04:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरकटी लाशों को तिहाड़ जेल के गेट के बाहर फेंकने के चर्चित मामले में सीरियल किलर चंद्रकांत झा को दिल्ली की रोहिण कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उसे तीन लोगों की हत्या का दोषी मानते हुए यह सजा दी है। उस पर सात लोगों की हत्या करने का आरोप था लेकिन सुबूत न होने के कारण उसे चार मामलों में बरी कर दिया गया था।
विज्ञापन
दरअसल 1998 में पश्चिमी दिल्ली के आदर्श नगर में सिरकटी लाश मिली थी, मृतक की पहचान मंगल उर्फ औरंगजेब के तौर पर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में चंद्रकांत झा को गिरफ्तार किया था लेकिन वह 2002 में बरी हो गया। उसके बाद 2003, 2005, 2006 और 2007 में सिर कटी लाशें मिलीं।
विज्ञापन
चंद्रकांत झा पुलिस को चिढ़ाने के लिए सिर कटी लाशों को तिहाड़ जेल के गेट के बाहर फेंक देता था। 20 अक्टूबर 2006 को सुबह में तिहाड़ जेल के गेट नंबर 3 के सामने प्लास्टिक बैग में एक युवक अमित की सिरकटी लाश मिली, जिसमें हत्यारे ने पुलिस को खुली चुनौती दी थी कि वह उसे पकड़ कर दिखाए। 20 मई 2007 को पुलिस ने अलीपुर से चंद्रकांत झा को गिरफ्तार कर लिया। इस केस से ही यह मामला चर्चा में आया था। तब से चंद्रकांत झा जेल में है।
विज्ञापन
कोर्ट ने चंद्रकांत झा को अपने तीन सहयोगियों अनिल मंडल, दलीप व उपेंद्र की हत्या व सबूत मिटाने के आरोपों में दोषी करार दिया है। चंद्रकांत मूल रूप से बिहार के मधेपुरा जिला का रहने वाला है।