खबर पढ़कर जानें, क्या अब रोबोट करेंगे आपके घर के काम?
भारत में भी रोबोट को विकसित करने पर जोर दिया जाने लगा है। संसदीय समिति ने मोदी सरकार से कहा है कि वह अमेरिका और जापान की तर्ज पर भारत में भी रोबोट को विकसित करे।
समिति ने इसके लिए सरकार से विशेष कार्ययोजना और आवश्यक धन मुहैया कराने को कहा है। संसदीय समिति की नसीहत के बाद सरकार हरकत में है। सूत्र बताते हैं कि सरकार ने रोबोट पर अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है।
बताया जा रहा है कि रोबोट विकसित करने के काम में जुटी पश्चिम बंगाल की सेंट्रल मेकेनिकल इंजिनियरिंग रिसर्च इंसटिट्यूट और बंगलौर की नेशनल एयरोस्पेश लैबरोटरी में परीक्षण के कामों में तेजी लाने को कहा गया है।
भारत में रोबोट के भविष्य को लेकर बीते फरवरी को आईआईटी दिल्ली में संपन्न हुई कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने अपनी तैयारियों पर संतोष जताया था।
बुजुर्गों की देखभाल रोबोट से
उन्हें उम्मीद है कि भारत जल्द ही रोबोट बनाने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा। हालांकि खर्चीला होने के कारण भारत में रोबोट के बनने और इसके प्रचलन में दिक्कते आ रही हैं।
मगर संसदीय समिति ने सरकार से वाजिब धन मुहैया कराने को कहा है जिससे भारतीय वैज्ञानिक रोबोट को देशवासियों के आम जीवन में उतार सकें।
संसदीय समिति के रिपोर्ट से वैज्ञानिकों में उत्साह है। बिटस पिलानी के एसोसिएट प्रोफेसर डा. बिजय कुमार राउत का कहना है कि बाजारीकरण और औद्योगीकरण को देखते हुए भारत में रोबोट का भविष्य सुनहरा है।
रोबोट का इस्तेमाल आम आदमी के जीवन से लेकर उद्योग के हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो सकता है। इसे युद्ध के लिए भी बेहद कारगर माना जाता है। अमेरिका और जापान में रोबोट का प्रचलन बुजुर्गों की देखभाल, मरीजों के इलाज और उनकी देखरेख के लिए होता है।
विज्ञान और तकनीक मामलों पर बनी संसदीय समिति ने सरकार से अमेरिका और जापान सरीखा रोबोट बनाने पर जोर देने को कहा है। ताकि देश के लोगों के जीवन शैली को आरामदेह बनाया जा सके।