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बैंक में डाका डाल मौत के मुंह में छोड़ गए कई जिंदगियां

Thu, 22 May 2014 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Thu, 22 May 2014 11:09 PM IST
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robbery in bank

पिछले कई दिनों से हो रही एक के बाद एक लूट से सहमे आगरा शहर में छह से ज्यादा नकाबपोश बदमाशों ने गुरूवार को बैंक में डाका डालकर सनसनी फैला दी। दुस्साहस की हद यह कि बैंक के स्टाफ-ग्राहकों समेत 11 लोगों को स्ट्रांग रूम में बंदकर बदमाशों ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

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फिर बैंक के गेट पर ताला बंदकर भाग निकले। बैंक से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने जान पर खेलकर स्ट्रांग रूम में बंद लोगों की जान तो बचा ली लेकिन दो की दशा गंभीर बनी हुई है।
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बदमाश बैंक के 25 और जमा करने आए एक ग्राहक से पांच लाख रुपये लूट ले गए। बैंक में गार्ड नहीं है, हालांकि पुलिस चौकी सिर्फ 20 कदम दूर है।

आधा दर्जन नकाबपोश डकैत बैंक में घुसे

robbery in bank

सदर के ताज रोड स्थित कोठी नंबर 49 में विजया बैंक की शाखा है। दोपहर दो से ढाई बजे के बीच लंच खत्म होने के बाद सभी पांच बैंककर्मी काम में जुटे थे। तभी आधा दर्जन से अधिक नकाबपोश बदमाश हथियार लहराते बैंक में घुसे। उस वक्त छह ग्राहक भी मौजूद थे।

बदमाशों ने अंदर दाखिल होते ही सभी को निशाने पर ले लिया। एक ने बैंक मैनेजर विनोद कुमार की कनपटी पर तमंचा लगाकर स्ट्रांग रूम की चाबी छीन ली। फिर सभी 11 लोगों को स्ट्रांग रूम में बंद कर दिया गया। बैंककर्मियों के अनुसार, बदमाशों ने स्ट्रांग रूम में रखे लगभग 25 लाख रुपये बैग में भर लिए।

जमा करने आए एक फर्म के अकाउंटेंट और ड्राइवर से भी लगभग पांच लाख रुपये लूट लिए। फिर सभी बदमाश बैंक के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए। एक ने स्ट्रांग रूम की कुंडी बाहर से बंद कर दी।

झुलसे बैंककर्मियों में दो की हालत गंभीर

robbery in bank

सीसीटीवी कैमरे से सबूत मिटाने की नीयत से बदमाशों ने बैंक मैनेजर विनोद कुमार के केबिन में रखे कंप्यूटर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद बैंक के मुख्य गेट पर ताला लगाकर भाग निकले। यह सब उन्होंने 15 मिनट के भीतर अंजाम दे डाला। तब तक आग के जोर पकड़ने से भीतर बंद लोगों की जान खतरे में पड़ चुकी थी।

बैंक से लपटें-धुंआ उठता देख और चीख-पुकार सुन आसपास के लोगों ने मुख्य गेट का ताला तोड़ा। उन्होंने जान पर खेलकर स्ट्रांग रूम की कुंडी खोली और आग की परवाह किए बगैर उन्होंने एक-एक कर बंद लोगों को बाहर निकाला। मगर, तब तक कुछ बैंककर्मी बुरी तरह झुलस चुके थे। कुछ धुएं के कारण बेहोश थे। सभी को एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से नौ खतरे से बाहर हैं। दो की दशा अभी गंभीर बनी हुई है।

सूचना पाकर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद और लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। डाग स्क्वायड को बुलाया गया। आईजी आशुतोष पांडे, डीआईजी विजय सिंह मीणा, एसएसपी शलभ माथुर और सेना के अधिकारी भी दल-बल के साथ वहां पहुंचे। बदमाशों की तलाश में सर्विलांस टीम सहित एसटीएफ, एसओजी लगाई है।

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जान पर खेलकर बचाई जिंदगियां

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आग की लपटों में घिरीं 11 जिंदगी, दम घोटने वाला धुएं का गुबार, बैंककर्मियों और ग्राहकों की चीखें और मदद की गुहार... जिसने सुना, उसका दिल दहल गया। फिर तो न कदम रुके और न हाथ। दमकल की गाड़ियां आग बुझा रही थीं और लोग दूसरे जिंदगियां बचा रहे थे।

शहर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत अभी जिंदा है। ये अलग बात है कि यह सब देखने के बाद भी खाकी का दिल नहीं पसीजा। हाथ पर हाथ रखकर वह ‘तमाशा’ देखते रहे।

स्थानीय लोगों की इस हिम्मत के चलते आग में फंसे लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। अगर, पुलिसकर्मियों के भरोसे रहते तो शायद देर हो जाती।

15 मिनट तक लूटमार, फिर लगाई आग

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सदर क्षेत्र स्थित विजय बैंक में वारदात करने वाले बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। हथियारों के साथ वह आग लगाने के लिए पेट्रोल भी लेकर आए थे। उन्हें पता था कि सीसीटीवी कैमरों का रिकार्ड सिस्टम कहां पर रखा है। लुटेरों ने 15 मिनट में वारदात को अंजाम दे डाला। आग लगाने के बाद फिल्मी स्टाइल में फरार हो गए।

बदमाशों को पता था कि बैंक में कोई गार्ड मौजूद नहीं है। इतना ही नहीं मैनेजर के केबिन से लेकर स्ट्रांग रूम तक की जानकारी थी। उन्होंने रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया।

आशंका है कि बदमाशों ने बैंक से दूर किसी स्थान पर अपने वाहनों को खड़ा किया होगा। वह पैदल ही भागे होंगे। कर्मचारी ने बताया कि बदमाश ज्यादा उम्र के नहीं थे। कुछ जींस और टीशर्ट में थे। उनमें एक से दो बदमाश अन्य साथियों को निर्देशित करने में लगे थे। पुलिस के मुताबिक, वारदात करने वाले हार्ड कोर क्रिमिनल हैं। वारदात का विरोध करने पर कर्मचारियों की जान लेने से भी नहीं चूकते।

सड़क पर छटपटाती रहीं जिंदगी

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हमारी सरकारी मशीनरी कितना एक्टिव है, बैंक में डकैती और आगजनी की घटना से खुलासा हो गया। आसपास के लोगों ने अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर आग में फंसे लोगों को बचाया, लेकिन सड़क पर छटपटाती इन जिंदगियों को बचाने के लिए एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं थी। आलम यह था कि आग से झुलसे लोगों को टेंपो से एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचाया गया।

सदर क्षेत्र में विजया बैंक को आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने लूटपाट के बाद आग में झोंक दिया। बैंक कर्मचारी समेत कई लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखई। अंदर फंसे लोगों को बाहर तो निकाल लिया, लेकिन उन्हें अस्पताल ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। सूचना के 20 मिनट के भीतर दमकल की गाड़ियां तो पहुंच गईं, लेकिन एंबुलेंस एक घंटे बाद तक नहीं पहुंची।

हालांकि पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। लोगों ने कई बार फोन किया तब कहीं जाकर एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसी बीच लगभग चार बेहोश लोगों को टेंपो से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से लोगों में रोष दिखा।

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