'CM कार्यालय से चल रहा खनन-पोस्टिंग का कारोबार'
रालोद मुखिया पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने मथुरा में उत्तर प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कोई सरकार नहीं है। एक गिरोह है, जिसमें 22 लोग प्रदेश को लूटने का काम कर रहे हैं। हरेक चीज के दाम फिक्स हैं।
शिक्षा, पुलिस, लेखपाल सभी भर्तियों में एक तो पैसा, दूसरा क्षेत्र और जाति चल रही है। जितने भी आयोग हैं, उनमें अपने आदमी बिठा दिए हैं।
सोमवार को सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अजित सिंह बोले कि समझ नहीं आ रहा था कि एक इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच से मुलायम सिंह के पेट में क्यों दर्द हो रहा हैं।
अब समझ में आया कि यादव सिंह से उनके परिवारीजनों का हिस्सा बंधा हुआ था। इसे लेकर खामोश मायावती भी हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने सरकार के सभी प्रमुख विभाग अपने परिवार के लोगों को दिए हैं, जिससे रुपया-पैसा, नौकरियां सब पर अपना ही नियंत्रण रहे। यह राजनीतिक परिवार नहीं, गिरोह है।
'मुलायम सिंह को लगने लगा है कि सत्ता जा रही'
रालोद मुखिया ने कहा कि अब तो मुलायम सिंह को लगने लगा है कि सत्ता जा रही है तो अपने रिश्तेदार के समधी को ही लोकायुक्त बनाने के लिए प्रस्तावित कर दिया। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने आपत्ति जताई तो उन्हीं को प्रक्रिया से बाहर कर दिया।
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए रालोद मुखिया ने मायावती और मुलायम सिंह के गठजोड़ की चर्चा की, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी वादे तो करते हैं उन्हें निभाने के लिए कुछ नहीं करते हैं। कहां आया कालाधन, किसानों को मिल गया डेढ़ गुना फसल का मूल्य।
उन्हें किसानों से नहीं उद्योगपतियों से मतलब है। पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने भी प्रदेश की अखिलेश सरकार को भ्रष्टाचार के लिए जमकर घेरा। इस दौरान विधायक पूरन प्रकाश, पूर्व विधायक अनिल चौधरी, त्रिलोक त्यागी, जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सिकरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे।
'संपूर्ण उत्तर प्रदेश बदलाव चाहता'
सोमवार को सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज के मैदान पर जनसभा के बाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में प्रेस से रूबरू पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजित सिंह ने कहा कि 20-25 साल में मुलायम-मायावती राज से जो स्थितियां बनी हैं, उससे संपूर्ण उत्तर प्रदेश बदलाव चाहता है। हरित प्रदेश के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन से जब तक जनता नहीं जुड़ेगी, उसे सफलता नहीं मिल सकती। किसी भी राज्य के बंटवारे के इतिहास को उठाकर देख लीजिए।
तेलंगाना के लिए 50 साल तक आंदोलन चला। खुद जनता ने नेतृत्व संभाला। यहां भी प्रदेश बंटवारे के लिए जनता को ही जागरूक होना होगा। यहां की जनता चाहती तो है कि छोटे प्रदेश बनें लेकिन उसके लिए आंदोलन में शामिल नहीं हो रही। इसके लिए वक्त लगेगा।
रालोद मुखिया ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि नरेन्द्र मोदी के आने से देश में भ्रष्टाचार कम हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चयन में प्रजातंत्र नहीं है। पैसा चलता है। इसके लिए पंचायती राज में बदलाव चाहिए। इसे भी पार्टी का चुनाव घोषित किया जाना चाहिए।
'दरोगा भी पैसा देकर पोस्टिंग करा रहा है'
छोटे चौधरी अजित सिंह की मौजूदगी में उनके पुत्र पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने भी सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज के मैदान पर माया-मुलायम पर शब्द बाण चलाए। उन्होंने प्रदेश की वर्तमान बदहाली के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधा।
कानून व्यवस्था पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए रालोद के राष्ट्रीय महासिचव जयंत चौधरी बोले कि अरे, दरोगा भी पैसा देकर पोस्टिंग करा रहा है तो वर्दी का सम्मान कैसे करेगा। इसमें दोष दरोगा का नहीं, मुख्यमंत्री का है। लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास से खनन माफिया और पोस्टिंग का उद्योग चल रहा है। फिर कानून व्यवस्था कैसे सुधरेगी।
उन्होंने कहा कि अब नारा दिया जा रहा है, पूरे हुए वायदे अब नए इरादे। कौन से वायदे पूरे हो गए। मुख्यमंत्री ने खुद मांट में कहा था कि यहां एयरपोर्ट बनेगा, धनगरों को प्रमाणपत्र मिलेंगे। बन गया एयरपोर्ट, मिल गए प्रमाणपत्र।
उन्होंने पूछा कि लेखपाल के लिए कितनी कीमत चल रही है, जवाब मिला 15 लाख। इनका तो खुला खेल है। ये सरकार चंद चहेतों के लिए काम करती है। सरकार के काम को लेकर मुलायम के गुस्सा होने पर कभी अखिलेश चुप्पी साध लेते हैं तो कभी चाचा डांट लगा देते हैं। कभी खुद अखिलेश अफसरों को दोष देते नजर आते हैं।
नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान पर भी सवाल उठाए
उन्होंने मुद्दे की राजनीति के बजाए जाति की राजनीति पर चिंता जाहिर करते हुए प्रदेश के विकास के लिए माया-मुलायम राज की अदला-बदली के फार्मूले को छोड़ने की अपील की। साथ ही नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान पर भी सवाल उठाए। बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश ने ओलावृष्टि और सूखा से प्रभावित किसानों की वर्तमान स्थिति के लिए केन्द्र और राज्य दोनों को जिम्मेदार बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी ने फिर से जिला पंचायत पर पार्टी के काबिज होने का दम भरा।
पूर्व विधायक अनिल चौधरी ने भी जिला पंचायत के लिए एकजुटता पर बल दिया। ठा. भगत सिंह जादौन, रबविन्द्र नरवार ने किसानों की पीड़ा के साथ युवाओं की स्थिति को रखा। योगेन्द्र नरवार ने ओलावृष्टि के चेक न मिलने पर चिंता जाहिर की। इनके अलावा चौधरी धर्म सिंह, महेश्वरनाथ चतुर्वेदी, डा. यूनुश कुरैशी, श्याम चतुर्वेदी, दीपक चौधरी, नवाब सिंह आदि ने मंच साझा किया। अध्यक्षता शंकर लाल गौतम ने की। संचालन जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिकरवार ने किया। इस मौके पर बदन सिंह, चंद्रपाल कुंतल, सुरेश भगत, राजवीर सिंह भरंगर, राजपाल भरंगर, पुष्पेन्द्र सिंह, जयवीर सिंह, रामरसपाल पौनिया आदि मौजूद रहे।
अजित सिंह और जयंत चौधरी के साथ मंच साझा नहीं किया
कभी बड़े चौधरी तो फिर उनकी विरासत को संभालने वाले छोटे चौधरी अजित सिंह के झंड़े के नीचे राजनीति करने वाले छाता के विधायक ठाकुर तेजपाल सिंह की आखिरकार उनसे दूरी हो गई। सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज में रालोद से छाता के विधायक तेजपाल सिंह ने अजित सिंह और जयंत चौधरी के साथ मंच साझा नहीं किया।
रालोद की शायद ही ऐसी कोई जनसभा होती होगी, जब छाता के विधायक ठाकुर तेजपाल सिंह भाषण दें और उसमें चौधरी साहब का स्मरण न हो। उनके तो पूरे भाषण में ही बड़े चौधरी छाए रहते थे। उनके अनेक स्मरण का हवाला देते हुए ठाकुर तेजपाल रालोद मुखिया के नेतृत्व की बात करते थे।
90 के दशक में जब चौधरी अजित सिंह ने जनता दल अ का कांग्रेस में विलय किया तो तत्कालीन विधायक ठाकुर तेजपाल ने सपा का दामन थाम लिया। यह दूरी करीब आठ साल रही। 2001 में एक बार फिर ठाकुर तेजपाल सिंह ने कांग्रेस से बाहर आए छोटे चौधरी अजित सिंह का दामन थाम लिया। इसके बाद रालोद के कोटे से वह राज्य सरकार में मंत्री भी रहे।
लेकिन, अब बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अब ठाकुर तेजपाल सिंह ने चौधरी परिवार का साथ छोड़ दिया है। अब वह बसपा के साथ आगे की राजनीति करने जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने पार्टी विधायक होने के नाते रालोद से त्यागपत्र नहीं दिया है, लेकिन सोमवार को अजित सिंह और जयंत चौधरी के साथ सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज की सभा में मंच भी साझा नहीं किया। जनपद में दो विधायकों के साथ नजर आने वाले चौधरी अजित सिंह के साथ सोमवार को एक ही विधायक की मौजूदगी रही।
ठीक सवा साल बाद मथुरा आए रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह के स्वागत के लिए पार्टी कार्यकर्ता आतुर नजर आए। एक्सप्रेसवे के माध्यम से शहर में प्रवेश करते ही स्वागत का दौर शुरू हो गया। युवा रालोद महासचिव रविन्द्र नरवार के नेतृत्व में दोपहिया वाहनों के काफिले के साथ अजित सिंह और जयंत चौधरी को जनसभा स्थल तक लाया गया। इसमें विश्वेन्द्र चौधरी, चंदू नरवार, तरुण नरवार, अशीष चौधरी, रवि बाबा, अरिवंद पचेहरा, सुशील चौधरी, सुरेन्द्र सिंह आदि शामिल थे। युवा जिलाध्यक्ष ठा.भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में लक्ष्मीनगर पर स्वागत किया गया। इस दौरान चतुर्भुज निषाद, पवन चतुर्वेदी, महावीर सिंह, डा. वेदप्रकाश आर्य, डा.कुंवर पाल सिंह, गौरव मलिक, योगेन्द्र सिंह छोंकर आदि शामिल हुए।