मोदी की रिक्शा पॉलिटिक्स, काशी से बिहार के रण पर नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में 602 परिवारों को ई-रिक्शा और साइकिल रिक्शा बांटकर एक तीर से दो निशाना साधा है। मोदी गरीबों को साधने के साथ ही अपनी ‘रिक्शा पालिटिक्स’ से बिहार विधानसभा के चुनावी रण में हलचल पैदा करने में भरसक सफल रहे।
पीएम ने काशी की सरजमीं से बिहार के रण पर नजर डालने के साथ ही बिहार के गरीबों का दिल जीतने की कोशिश की है। मालूम हो कि बिहार में अगले महीने विधानसभा के चुनाव होने हैं। पीएम ने शुक्रवार को यहां छावनी क्षेत्र के मल्टीपरपज मैदान पर अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से 101 परिवारों को ई- रिक्शा और 501 परिवारों को साइकिल रिक्शा बांटा।
बनारस में बिहार के छात्र
ये वो रिक्शा चालक हैं जो अब तक किराये का रिक्शा चला रहे थे। अब अमेरिकन संस्था की गारंटी पर बैंकों ने इन्हें रिक्शा फाइनेंस किया है। काशी में लगभग 30 हजार रिक्शावान हैं, जिनमें से 80 फीसदी से ज्यादा रिक्शा चालक बिहार और बंगाल की पृष्ठभूमि के हैं।
इतना ही नहीं यूपी से सटे बिहार के जिलों कैमूर, रोहतास और बक्सर के ढाई लाख से ज्यादा वोटर बनारस में रह रहे हैं। बनारस में बिहार की पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों की तादाद साढ़े चार लाख के आसपास है। मालूम हो कि रोजाना बिहार के हजारों लोग रोजगार, इलाज और कारोबार के लिए बनारस आते हैं।
पर्यटकों की पहली मुलाकात रिक्शावालों से
काशी का ‘बिहार कनेक्शन’ केवल शिक्षा, चिकित्सा और कारोबार से ही नहीं है बल्कि रोटी-बेटी का रिश्ता भी है। सामनेघाट, चितईपुर, डीरेका, नरिया, पांडेयपुर आदि ऐसे इलाके हैं जहां बिहार के लोगों ने खुद का आशियाना बना लिया है। सालों से वे यहां रह रहे हैं।
चुनाव के वक्त वोट डालने अपने गांव (बिहार) जाते हैं। बहरहाल, पीएम ने आज जिन 602 परिवारों को रिक्शा बांटा, उनमें से भी कई बिहार और बंगाल के रहने वाले हैं। सालों से काशी में रिक्शा चलाकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। बहरहाल, पीएम ने अपने 20 मिनट के भाषण में पर्यटन विकास का हवाला देते हुए कहा कि शहर में जब भी कोई मेहमान बाहर से आता है तो उसकी पहली मुलाकात रिक्शा चालकों से ही होती है।
इसी मुलाकात से वह शहर की आबोहवा और मिजाज को भांप जाता है। मोदी ने अपने इस बयान से रिक्शा चालकों को उनकी अहमियत का अहसास भी दिलाया। इसके अलावा उन्होंने रिक्शावालों के स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग की भी चर्चा करते हुए यातायात नियमों के प्रति उन्हें जागरुक किया।