क्या रंग लाएगी सरकार-विपक्ष के बीच की तल्खी?
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16वीं लोकसभा के दूसरे ही सत्र में न केवल सरकार और विपक्ष बल्कि विपक्ष और स्पीकर के बीच भी तल्खी लगातार बढ़ती दिख रही है।
मंगलवार को यह तल्खी कई बार दिखी। खासतौर पर स्पीकर और विपक्ष के बीच कई बार वार पलटवार के दृश्य सामने आए।
जब स्पीकर ने प्ले कार्ड दिखाने पर सख्त टिप्पणी की तो माकपा के मोहम्मद सलीम ने भी तत्काल प्रतिवाद करते हुए कहा कि आप ऐसा किए बिना बोलने का मौका ही नहीं देती।
सामने आई सरकार और विपक्ष की तल्खी
पीडीपी की महबूबा मुफ्ती ने भी तत्काल यह कह कर प्रतिवाद किया कि उन्हें भी प्ले कार्ड दिखाने का शौक नहीं है, मगर जब सब पत्थर दिल हो गए हैं तो वेल में आने और प्ले कार्ड दिखाने के अलावा चारा क्या है?
हालांकि स्पीकर ने कई बार दोहराया कि वह न तो प्ले कार्ड दिखाना बर्दाश्त करेंगी और न ही प्रश्न काल को स्थगित करने की परिपाटी बनने देंगी।
मंगलवार को ही सरकार और विपक्ष की तल्खी तब सामने आई, जब संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने दो टूक शब्दों में गाजा पर हमले के मामले में इस्राइल के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने या सरकार का स्टैंड बताने से इनकार कर दिया।
हिंदी की दुर्दशा पर अंग्रेजी में सवाल
प्रश्नकाल के दौरान तब मजेदार दृश्य सामने आया जब हिंदी की दुर्दशा पर मूल प्रश्न अंग्रेजी में पूछा गया।
भाजपा सांसद रमेश बैस ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि हिंदी की दुर्दशा का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि इसकी दुर्दशा पर मूल सवाल अंग्रेजी में पूछा गया है।
हालांकि मूल प्रश्न करने वाले केरल के सांसद एमआई शानवास मलयालम भाषी थे और इस दौरान सदन में उपस्थित नहीं थे।