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हाथ से लिखे पोस्टर-हैंडबिल... और ऋचा ने रच दिया इतिहास

Fri, 02 Oct 2015 02:36 AM IST
Updated Fri, 02 Oct 2015 02:36 AM IST
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richa singh became president of allahabad university

यह आम धारणा बन गई है कि धन और मशल्स बल के बिना चुनाव नहीं जीता जा सकता। प्रचार के दौरान 100-100 लग्जरी गाड़ियों का काफिला, बड़े-बड़े होर्डिंग्स तथा लगातार बमबाजी, गोलीबारी की घटनाओं ने इस धारणा को और बल दिया, लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के इस चुनाव ने छात्र राजनीति को नई दिशा देने का भी काम किया है।

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छात्र-छात्राओं ने कई पदों पर इस धारणा को नकार दिया है। सिर्फ हाथ से लिखे पोस्टर, तख्ती, हैंलबिल और छोटे-छोटे नुक्कड़ नाटक, घर-घर संपर्क के दम पर जीत हासिल कर यह दिखा दिया कि बिना धनबल और बाहुबल के भी फतह हासिल की जा सकती है।
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ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाली ऋचा बिना किसी शोर-शराबे के सिर्फ संघर्षों के दम पर मैदान में थीं। ऋचा ने चार साल पहले फ्रेंड्स यूनियन ग्रुप बनाकर एक-दूसरे के सहयोग की धारण प्रस्तुत की और संघर्षों की शुरुआत हुई।
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जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आता गया उनकी बढ़ती ताकत के साथ अन्य लोग भी जुड़ते गए और फिर विश्वविद्यालय में इतिहास रच गया। एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी विक्रांत, संयुक्त मंत्री जितेंद्र, सांस्कृतिक सचिव श्रवण भी संगठन और खुद की पहचान के साथ मैदान में थे और जीत हासिल की।

छात्रसंघ की प्राचीर से लगे जयश्रीराम, वंदेमातरम के नारे

richa singh became president of allahabad university

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की रिकॉर्ड जीत के बाद शपथ ग्रहण समारोह के दौरान छात्रसंघ भवन का पूरा नजारा बदला हुआ था। छात्रसंघ भवन के प्राचीर से विजेताओं ने जयश्रीराम और वंदेमातरम के नारे लगाए।

उपाध्यक्ष, महामंत्री, सांस्कृतिक सचिव के उद्घोष पर पूरा परिसर इन नारों से गूंज उठा। उपाध्यक्ष विक्रांत ने तो एबीवीपी डायनामाइट का नारा भी बोला। समारोह के दौरान तथा जुलूस में भी लगातार जयश्रीराम के नारे लगते रहे।

ऊषा भौजी का भी लिया आशीर्वाद

richa singh became president of allahabad university

नव निर्वाचित पदाधिकारी छात्रसंघ भवन परिसर में चाय की दुकान चलाने वाली ऊषा भौजी का आशीर्वाद लेना नहीं भूले। ऊषा के ससुर ने वर्षों पहले वहां चाय की दुकान खोली थी, जिसे अब ऊषा चलाती हैं। छात्रसंघ के पदाधिकारी तथा अन्य छात्र-छात्राएं उनका बहुत सम्मान करते हैं और उन्हें प्यार से भौजी कहते हैं।

भौजी का भी छात्र-छात्राओं के साथ बच्चों की तरह व्यवहार रहता है। वह साधिकार उन्हें डांट भी देती हैं। किसी खास उपलब्धि के साथ छात्रसंघ भवन पर पहुंचे युवक के भौजी का पैर छूते हुए अक्सर देखा जा सकता है।

यह क्रम बृहस्पतिवार को शपथ ग्रहण समारोह में भी दिखा। उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह तो अन्य साथियों को छोड़कर पहले भौजी के पास पहुंचे और पैर छूकर आशीवार्द लिया। ऊषा ने भी सभी पदाधिकारियों को टीका लगाकर उन्हें जीत की शुभकामना दी तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ऋचा होंगी मलाला एवार्ड से सम्मानित

richa singh became president of allahabad university

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष चुनी गईं ऋचा सिंह को मलाला एवार्ड से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। बृहस्पतिवार को कार्यालय में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में उपाध्यक्ष मानस सिंह, रमाकांत त्रिपाठी, रेखा उपाध्याय, श्याम सुंदर सिंह पटेल, सुधा यादव आदि मौजूद रहीं।

सपा कार्यालय में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव, विनोद चंद्र दुबे, डॉ.निर्भय सिंह पटेल, हेमंत कुमार टुन्नू, दान बहादुर मधुर आदि ने ऋचा को इस जीत के लिए बधाई दी। भाजपा की पार्षद किरन जायसवाल ने भी ऋचा को जीत की बधाई दी। उन्होंने अन्य पदों पर एबीवीपी की जीत पर हर्ष व्यक्त किया और छात्र-छात्राओं को बधाई दी।

सूर्य प्रताप रहे आकर्षण का केंद्र
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सूर्य प्रताप भी आकर्षण का केंद्र रहे। सूर्य प्रताप विश्वविद्यालय में बीए अंतिम वर्ष का विद्यार्थी है, लेकिन कद और चेहरा देखकर मात्र 12-13 साल उम्र का बच्चा होने का आभास होता है।

यही कारण रहा कि जहां अन्य विद्यार्थियों को बेरिकेडिंग के भीतर नहीं घुसने दिया गया वहीं सूर्य प्रताप अंदर थे। अपने इस कद और चेहरे की वजह से पूरे समारोह में आकर्षण का केंद्र रहे सूर्य प्रताप अगले साल चुनाव लड़ने की भी तैयारी में हैं। शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने का मकसद भी यही रहा।

‘इविवि हमारा है, इविवि हमारा है’
शपथ ग्रहण समारोह में सांस्कृतिक सचिव पद पर निर्वाचित जितेंद्र शुक्ला सच में कवि विशाल के रूप में सामने आए। उन्होंने वादा पूरा करने की शपथ लेने के साथ छात्र-छात्राओं को एक कविता भी सुनाई। कवि विशाल ने कहा, ‘सूरज की रोशनी में हम निकल पड़ते हैं खिल करके इविवि से भी निकलेंगे कई आईएएस बन करके। सुना है देश की आवाम का बस एक नारा है ये इविवि हमारा है, ये इविवि हमारा है।’

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