जानिए, कौन है दुनिया का सबसे अमीर आतंकी संगठन
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वे सिर्फ मशीनगन कंधे पर लादकर चलने वाले दढ़ियल आतंकी नहीं हैं।
सीरिया के रेगिस्तान से चलकर लगभग दो माह पहले इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल पर कब्जा जमाने वाले सुन्नी आतंकी संगठन इसलामिक स्टेट को सिर्फ बर्बर हत्यारों का गिरोह नहीं कहा जा सकता। संगठन की आमदनी लगभग एक लाख डालर (लगभग छह करोड़ रुपये) रोजाना है।
सतही तौर पर देखें तो संगठन अपने विचारों से मध्ययुगीन लगता है। अपने से गैर मजहब वालों को बेदर्दी से मारना, धार्मिक स्थलों को नष्ट करना, औरतों पर कड़े पहरे बिठाना, पश्चिमी शिक्षा का विरोध करना यह सब इसकी खासियत है। लेकिन इस कट्टर और रूढ़िवादी छवि के पीछे चुस्त, चालाक और आधुनिक चेहरा है।
इस साल संगठन 100 से 200 मिलियन डालर जुटा
संगठन की वार्षिक रिपोर्ट का न्यूयार्क टाइम्स ने अध्ययन किया तो पाया कि वित्तीय तौर पर इसे आने वाले कई साल तक कोई दिक्कत नहीं होगी। बिना शक यह दुनिया का सबसे अमीर आतंकी संगठन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल संगठन 100 से 200 मिलियन डालर जुटा लेगा जिसका इस्तेमाल अलग देश के पुनर्निर्माण में किया जाएगा। तो फिर संगठन पर लगाम कसने के लिए अमेरिकी कांग्रेस के पास क्या विकल्प हैं। देखा जाये तो बेहद कम।
इराक में अमेरिका जमीनी लड़ाई लड़ नहीं सकता। हवाई हमले या राहत सामग्री से इसलामिक स्टेट को कमजोर तो किया जा सकता है परास्त नहीं। आखिरकार इराकी या कुर्दों को ही जद्दोजहद करनी होगी। हां, वित्तीय तौर पर मजबूत संगठन की कमर तोड़ने के लिए विशेषज्ञ टीम भेजी जा सकती हैं। संगठन के फाइनेंस एक्सपर्ट, तेल बिजनेस और कैश को निशाना बनाया जाए तो बात बन सकती है।
संगठन विदेशी पैसा नहीं लेता
यहां कुछ लोग कह सकते हैं कि संगठन के खातों पर रोक लगाई जाए। लेकिन ऐसा कहने वाले इसके काम करने के तरीके को नहीं समझते। आईएस ने हमेशा स्थानीय तौर पर इराक और सीरिया में पैसा कमाया और खर्चा है।
अब संगठन अलग देश या खिलाफत बनाने की तैयारी में है और वित्तीय तौर पर समर्थ है। इराकी फौज से मिले इसके वित्तीय दस्तावेज बताते हैं कि संगठन विदेशी पैसा नहीं लेता।
इसकी वजह यह है कि जिन संगठनों ने विदेशी मदद ली बाद में वे धीरे धीरे वे कमजोर हो गए। ज्यादातर पैसा उत्तरी इराक में प्रोटेक्शन मनी, पुनर्निर्माण, आयल सेक्टर से आता है। इसके अलावा लाखों डालर ईसाइयों और शियाओं से वसूले गए हैं।
आईएस पैसे का इस्तेमाल अपने प्रभाव वाले इलाके में शरीया के तहत काम करने वाली पुलिस तैयार करने में, टैक्स इकट्ठा करने और व्यापार को बढ़ावा देने में करता है। संगठन अपना पैसा बैंक में न रखकर उसे पुनर्निर्माण के काम में लगा देता है।
कैसे होगा आईएस ध्वस्त
- अगर इराक पीएम मालिकी से छुटकारा पा ले और नई सरकार बजट का बड़ा हिस्सा सुन्नी इलाकों पर खर्च करे। इससे सुन्नी बहुल इलाके आईएस के प्रभाव में नहीं आएंगे
- अमेरिका कुर्द और इराकियों की मदद से आईएस की वित्तीय ताकत की जानकारी जुटाए और उसे कमजोर करने की रणनीति बनाए।
- कुर्द और अमेरिकी बल उत्तरी इराक के तेल कुओं से आतंकियों को खदेड़ दें, पूर्वी सीरिया में संगठन की तेल शोधन क्षमता को कमजोर करें।