फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Result of assembly elections in five state will change the scenario of winter session of Parliament

पांचों राज्यों के चुनावी नतीजे बदल देंगे संसद के शीतकालीन सत्र का मिजाज

Fri, 07 Dec 2018 09:55 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Updated Fri, 07 Dec 2018 09:55 PM IST
विज्ञापन
Result of assembly elections in five state will change the scenario of winter session of Parliament

एग्जिट पोल के नतीजे ने कांग्रेस में उम्मीद के साथ उत्साह को भर दिया है। वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी प्रेस वार्ता में पांच राज्यों के चुनाव पर कोई बात नहीं की। शहनवाज हुसैन, सांबित पात्रा समेत अन्य नेताओं को राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मप्र में 11 दिसंबर को मतगणना के बाद पक्ष में नतीजे आने का पूरा भरोसा है। 

विज्ञापन


एक्जिट पोल के नतीजों ने पांच राज्यों में कांग्रेस और भाजपा के पक्ष में मिला जुला नतीजा दिया है। माना जा रहा है कि 11 दिसंबर को दोपहर दो बजे तक पांच राज्यों के चुनाव नतीजे की तस्वीर साफ हो जाएगी और इसका नतीजा चाहे जो भी आए, लेकिन इसका असर संसद के शीतकालीन सत्र पर पड़ना तय है।
विज्ञापन


केंद्र सरकार के अधिकारी भी संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर काफी संवेदनशील है। कानून मंत्रालय के कानूनी मामलों के सचिव आलोक श्रीवास्तव भी संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर तैयारी कर रहे हैं। मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इसके बाबत श्रीवास्तव काफी समय दे रहे हैं और अधिकारियों से चर्चा भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गृहमंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि यह वर्तमान सरकार का आखिरी सत्र है। इसके बाद सरकार चुनाव की तैयारियों में चली जाएगी। इसलिए पांच राज्यों के चुनाव नतीजे काफी अहम हैं। सूत्र का मानना है कि इस सत्र के दौरान प्रमुख राजनीतिक दल संसद को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी के साथ-साथ राजनीतिक मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देंगे।

कृषि और किसान

किसान का कर्जा माफ और बिजली बिल हाफ। भाजपा के नेता दबी जुबान से इसे कांग्रेस का बड़ा वादा मान रहे हैं। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह के वादों और इनको पूरा करने की कोशिशों से देश का काफी नुकसान होता है। कांग्रेस के नेता इस वादे को गेंम चेंजर मान रहे हैं। माना जा रहा है कि नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आने पर खेती, खलिहानी किसान का मुद्दा संसद के सत्र में छाया रह सकता है। वहीं केंद्र सरकार किसानों और गांव को बड़ा राहत देने की इच्छा शक्ति दिखा सकती है।

अगस्ता और राफेल

नतीजा चाहे जो आए लेकिन राफेल लड़ाकू विमान सौदा और अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकाप्टर मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। कांग्रेस के राज्यसभा सासंद भुनेश्वर कलिता का भी मानना है कि यह मुद्दा उठेगा। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी का भी कहना है कि पार्टी के सांसद दोनों घोटालों में केंद्र सरकार को घेरंगे। 

वहीं भाजपा के नेता भी राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर कांग्रेस के आक्रामक रुख की काट में अगस्ता वेस्टलैंड और घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण के बाद सोनिया व राहुल पर निशाना साधकर, टांट कसकर वार करेंगे।

सीबीआई में अफसरों की लड़ाई और आरबीआई

कांग्रेस पार्टी के सांसद सीबीआई के अफसरों में छिड़ी लड़ाई, केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और अधिकार के दुरुपयोग का मुद्दा उठाएंगी। पार्टी के सांसदों ने इसके लिए तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के सांसदों का कहना है कि केंद्र सरकार लगातार संवैधानिक संस्थाओं, जांच एजेंसियों आदि को कमजोर करती जा रही है। 

प्रवर्तन निदेशालय, सीवीसी और सीबीआई जैसी एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर मुद्दा उठने की पूरी संभावना है। इसके अलावा आरबीआई में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप पर भी सांसदों ने सवाल भेजकर सरकार से जवाब मांगना शुरू कर दिया है।

बुलंद शहर और उत्तर प्रदेश सरकार

कांग्रेस पार्टी के सांसद बुलंदशहर में हुई हिंसक घटना को उठाने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि नतीजा चाहे जो आए लेकिन उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कामकाज को निशाना बनाने की कोशिश होगी। वैसे भी मुख्यमंत्री योगी भाजपा के स्टार प्रचारक हैं। हर राज्य में और हर चुनाव में उनकी काफी मांग है। 

इसके सामानांतर उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। राम मंदिर के मुद्दे के बहाने सांप्रदायिक माहौल खड़ा किया जा रहा है। इससे कांग्रेस के माथे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट देखी जा सकती हैं। 

तीन दर्जन विधेयक भी लाइन में

संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल के अनुसार शीतकालीन सत्र में करीब तीन दर्जन विधेयक मंजूरी के लिए आ सकते हैं। तीन तलाक जैसे गंभीर मामले में सरकार विधेयक को मंजूरी दिलाने की भरसक कोशिश कर सकती है। उपभोक्ता संरक्षण, चिटफंड, डीएनए, गैर कानूनी गतिविधियों की रोकथाम जैसे विधेयक भी मंजूरी के लिए लाइन में हैं। नये विधेयक भी पेश किए जाने हैं। खुद विजय गोयल के अनुसार लोकसभा में 15 विधेयक और राज्यसभा में 9 विधेयक पारित होने हैं। शेष विधेयक नए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed