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इस पखवाड़े हो सकता है केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल

Mon, 03 Jun 2013 12:28 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 03 Jun 2013 12:28 AM IST
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reshuffle of union council of ministers likely

केंद्र में सत्तारूढ़ यूपीए सरकार के मंत्रिमंडल में इस पखवाड़े फेरबदल किया जा सकता है।

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सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल 6 से 12 जून के बीच होने की उम्मीद है। साथ ही 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यह यूपीए-2 मंत्रिमंडल का अंतिम विस्तार होगा।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जापान-थाईलैंड दौरे से लौटते वक्त शुक्रवार को मंत्रिमंडल में खाली पदों को भरने की इशारा किया था।

पत्रकारों से बात करते हुए मनमोहन ने कहा था कि मंत्रिमंडल में कुछ पद खाली हैं। इनको भरे जाने पर विचार हो रहा है।

पवन बंसल और अश्विनी कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई जगहों को भरे जाने के सवालों का प्रधानमंत्री जवाब दे रहे थे।

रेलवे रिश्वत कांड में अपने भांजे की गिरफ्तारी के बाद उत्पन्न विवाद के चलते बंसल को रेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था जबकि अश्विनी कुमार को कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में सीबीआई की जांच रिपोर्ट में बदलाव करने के आरोप में पद छोड़ना पड़ा।
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दोनों के इस्तीफे के चलते सड़क और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी को रेलवे मंत्रालय और दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल को कानून मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
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एक साल के अंदर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और डीएमके के यूपीए-2 सरकार से समर्थन वापसी के चलते भी मंत्रिमंडल में कई स्थान रिक्त हुए हैं।

मंत्रिमंडल में शामिल डीएमके के 5 मंत्रियों ने इस साल 20 मार्च को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। वित्त, कामर्स और उद्योग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा सामाजिक न्याय मंत्रालयों में डीएमके के सांसद राज्य मंत्री थे। एकमात्र कैबिनेट मंत्री एमके अलागिरी के पास केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय था।

इससे पहले टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में नाम आने के चलते दयानिधि मारन और ए राजा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इन इस्तीफों के बाद डीएमके ने अपने किसी सदस्य को इन पदों के लिए नामित नहीं किया था।


यूपीए-2 में कई मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालयों का कार्यभार है। इनसे किसी एक मंत्रालय संभालने को कहा जा सकता है।

साथ ही लोकसभा चुनावों को देखते हुए कुछ मंत्रियों को मंत्रिपद से हटाकर पार्टी के कार्यों में लगाया जा सकता है। मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद कांग्रेस पार्टी के संगठन स्तर पर फेरबदल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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