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रिजर्व बैंक के गवर्नर ने उठाए थे 2जी पर सवाल
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:41 AM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2007 में ऑल इंडिया स्तर पर लाइसेंस के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क को करीब 1600 करोड़ रुपए रखने पर सवाल उठाया था। अदालत के समक्ष 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में गवाही देते हुए उन्होंने यह बात कहीं। वर्ष 2007 से सितंबर 2008 तक वित्तीय सचिव रहे सुब्बाराव इस मामले में एक मुख्य गवाह हैं। इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा सहित 17 अभियुक्त मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
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पटियाला हाउस अदालत स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाते हुए सुब्बाराव ने कहा कि उन्होंने 22 नवंबर, 2007 को तत्कालीन दूरसंचार सचिव डीएस माथुर को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने ऑल इंडिया लाइसेंस के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क को 1600 करोड़ रुपये रखने पर सवाल उठाया था।
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सुब्बाराव ने कहा कि तब उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि वर्ष 2001 में तय किए गए शुल्क 1600 करोड़ रुपये की राशि को वर्ष 2007 में भी कैसे लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छह वर्ष पहले के शुल्क में संशोधन किया जाना जरूरी था। बहस के दौरान सीबीआई के अधिवक्ता एके सिंह ने विभिन्न फाइलें, टेलीकॉम विभाग एवं मंत्रालय के अलावा विभिन्न विभागों की नोटिंग को सुब्बाराव को दिखाकर पुष्टि करवाई। सुब्बाराव सहित मामले में अब 78 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं।
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ये हैं अभियुक्त
मामले में ए राजा के अलावा डीएमके सांसद कनिमोझी, पूर्व टेलीकॉम सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के निजी सचिव आरके चंदोलिया, स्वान कंपनी व उसके निदेशक शाहिद उस्मान बलवा, विनोद गोयनका, यूनीटेक लिमिटेड व उसके प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, रिलायंस कंपनी व उसके तीन वरिष्ठ अधिकारी गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा व हरी नायर, आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, निजी टीवी चैनल के निदेशक शरद कुमार व फिल्म निर्माता करीम मुरानी मामले में अभियुक्त हैं।