गणतंत्र दिवस विशेषः 'यंग इंडिया' के जर्जर होते कानून

अभिषेक सक्सेना/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 27 Jan 2014 08:41 AM IST
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65वां गणतंत्र दिवस मना रहे भारत में आज भी तमाम ऐसे कानून हैं, जो 100 वर्ष से भी ज्यादा पुराने हो चुके हैं। पिछले पैंसठ वर्षों से इनमें से कई कानूनों का उपयोग करने की तो नौबत ही नहीं आई है।

दरअसल देश के कई प्रमुख कानूनों की जड़ें ब्रिटिश काल में ढूंढी जा सकती हैं। साफ है कि ये कानून 100 से 150 साल पुराने हैं।

संसदीय लोकतंत्र में कानून बनाने की जिम्मेदारी संसद के पास होती है। लेकिन जब बात पुराने जर्जर कानूनों को ख्‍ात्म करने की हो तो संसद भी समय की कमी का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ती दिख्‍ाती है।

भारतीय विधि आयोग समय-समय पर अपनी रिपोर्टों के जरिये सरकार को ऐसे कानूनों को खत्म करने की सलाह देता आया है। लेकिन हर बार सरकारी उदासीनता आड़े आ जाती है। आइए, इनमें से कुछ प्रमुख कानूनों पर नजर डालें।
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