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यूपी में गजब कारनामा, विरासत पर काट दिए पट्टे

Tue, 09 Dec 2014 01:30 PM IST
Updated Tue, 09 Dec 2014 01:30 PM IST
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remnants are still found while excavation

सरकारी लापरवाही और उपेक्षा के कारण ऐतिहासिक विरासत अस्तित्व खोती जा रही हैं। सहारनपुर के नानौता में सिंधुकालीन सभ्यता के टीले पर कागजों में हेरफेर कर बाकायदा पट्टे काट दिए गए। अब इस प्राचीन टीले पर निर्माण कार्य भी चल रहा है। खुदाई के दौरान यहां से प्राचीन अवशेष मिल रहे हैं। इतने बड़े मामले की प्रशासनिक महकमे को कोई खबर नहीं है।

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गंगोह-तीतरो रोड स्थित हुलास गांव में करीब 35 साल पहले पुरातत्व विभाग को सिंधुकालीन सभ्यता के अवशेष मिले थे। वर्ष1978-79 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पुरातत्वविद् काशीनाथ दीक्षित ने हुलास में उत्खलन भी करवाया था। यहां से प्राप्त अवशेषों को सिंधुकालीन सभ्यता से जोड़ा गया था।

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इसके बाद कागजों में हेरफेर कर इस ऐतिहासिक टीले पर पट्टे काट दिए गए। कुछ महीनों से इस टीले पर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। यहां बाकायदा भवन बनाए जा रहे हैं और गांव के पट्टेदार पशुपालन भी इसी टीले पर कर रहे हैं।

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अब भी निकल रहे हैं अवशेष

remnants are still found while excavation

अहम यह भी है कि इस विरासत के बारे में प्रशासनिक महकमे में किसी को खबर ही नहीं है। काटे गए पट्टों में हुई लापरवाही की भनक तक भी किसी को नहीं है। टीले पर भवन निर्माण के दौरान हो रही खुदाई में भी सिंधुकालीन सभ्यता से जुड़े सिल बट्टे, मिट्टी के मनके सहित अन्य अवशेष निकल रहे हैं।


आपको बता दें कि करीब 35 साल पहले हुई पुरातत्व विभाग की खुदाई में यह बात सामने आई थी कि 3500 वर्ष पूर्व सिंधु काल में लोगों ने यहां निवास किया था। यहां कई निवास गृहों की व्यवस्थित दीवारों की नींव आज भी दिखाई देती हैं। उस समय हुई खुदाई के दौरान यहां नीचे मिट्टी के फर्श और खंभे गाड़ने के गड्ढे भी मिले थे।

लापरवाही की कराई जाएगी जांच

remnants are still found while excavation

"सिंधु कालीन सभ्यता से जुड़े इस ऐतिहासिक टीले की किसी को सुध नहीं है। इतिहास में इस विरासत का जिक्र है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण अब वह अपना अस्तित्व खोने लगी है। इस टीले पर निर्माण हो रहा है और सिंधुकालीन सभ्यता के इस अवशेष पर संकट है।"

-राजीव उपाध्याय, लेखक, सहारनपुर दर्शन।

"सिंधुकालीन सभ्यता के अवशेष पर पट्टे काटे जाने का मामला बहुत गंभीर है। इस लापरवाही की जांच कराई जाएगी। पुरातत्व विभाग से भी संपर्क कर इस ऐतिहासिक टीले के संरक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी।"


-तनवीर जफर अली, मंडलायुक्त।

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