धर्मांतरण मिसाल: यूपी के इन घरों में आरती-नमाज दोनों साथ
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धर्मांतरण को लेकर सड़क से संसद तक तूफान मचा है। मुसलिम और हिंदू संगठनों के साथ सियासतदां भी मोर्चेबंदी कर रहे हैं। आगरा में हुआ धर्मांतरण का खेल देश बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है लेकिन इससे सबसे दूर अछनेरा विकास खंड का एक गांव ऐसा भी है जो सर्वधर्म सद्भाव की मिसाल बना हुआ है।
सांधन गांव में एक नहीं ऐसे कई परिवार हैं जिसके सदस्य हिंदू और मुसलमान दोनों हैं। यही नहीं इनमें खून के रिश्ते हैं। एक भाई पूजा करता है तो दूसरा नमाज अदा करता है। गजनी के छह पुत्रों में से दो हिंदू हैं तो चार इस्लाम अपना कर मुसलमान बन गए हैं। इसके बावजूद परिवार संयुक्त है, कहीं कोई खटास भी नहीं। इसी गांव के बाबूलाल के छह बेटे हैं। इनमें तारा खान मुसलमान तो पांच अन्य भाई हिंदू हैं।
इसी तरह मवासी के घर में हिंदू और मुसलमानों का संगम है। संस्कृत के रिटायर्ड अध्यापक रियाज अहमद खान बताते हैं कि यहां दीवाली-होली और ईद भी समान उत्साह से मनाई जाती है।
धर्मांतरण पर आगरा में ‘सियासी युद्ध’
धर्मांतरण को लेकर ‘सियासी युद्ध’ छिड़ गया है। एक ओर मुस्लिम नेता बस्ती के लोगों की हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं तो दूसरी ओर भाजपा पूरे प्रकरण से खुद के अलग होने का दावा कर रही है। पार्टी ने विरोधी पार्टियों पर देश में राजनीतिक वातावरण दूषित करने का आरोप लगाया है। शहर की सड़कों पर भी प्रकरण के विरोध में दिन भर प्रदर्शन हुए। इधर, मुकदमे में आरोपी किशोर वाल्मीकि की तलाश में पुलिस ने आरएसएस के जयपुर हाउस स्थित ब्रज प्रांत कार्यालय (माधव भवन) को घेर रखा है।
गुरुवार को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव व शहर अध्यक्ष फर्रुख सियर और इस्लामिया लोकल एजेंसी के सदस्य देवरी रोड स्थित वेद नगर के पीछे बस्ती में पहुंचे। मुस्लिम नेताओं ने मांग की कि धर्मांतरण प्रकरण के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हालांकि बस्ती के कुछ लोग अन्यत्र चले गए हैं तो कुछ जाने की तैयारी में हैं।
इधर, भाजपा के ब्रजक्षेत्र कार्यालय पर अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने पत्रकारों से कहा कि बसपा, सपा और कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीति की रोटियां सेक रही हैं। वहीं, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा राष्ट्रीय स्वयंसेवक के समर्थन में उतर आया है। मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री अशफाक सैफी ने कहा, संघ धर्म जागरण करती आ रही है। प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कलेक्ट्रेट के गेट पर पुतला भी फूंका। पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए डीएम आफिस पर हंगामा किया।
कोर्ट में इस्माइल के बयान
धर्मांतरण प्रकरण के वादी इस्माइल को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार को न्यायालय में पेश किया। क्षेत्राधिकारी असीम चौधरी और थाना प्रभारी सदर जेएन अस्थाना दोपहर तकरीबन ढाई बजे उसे लेकर सीजेएम कोर्ट पहुंचे। सीजेएम के अवकाश पर होने के कारण न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सतेंद्र कुमार वर्मा की कोर्ट में उसे पेश किया गया। कोर्ट ने तकरीबन एक घंटे तक इस्माइल से एकांत में पूछताछ कर उसका बयान दर्ज किया। परिसर में मीडिया होने के कारण पुलिस इस्माइल को पीछे के दरवाजे से बाइक पर बैठाकर बाहर ले गई।
पुलिस से धक्का-मुक्की, हिरासत में लिए कांग्रेसी
गुरुवार को धर्मांतरण प्रकरण में हिंदूवादियों के खिलाफ शहर में जमकर प्रदर्शन हुए। इधर पुलिस फोर्स भी दिन भर दौड़ती रही। धाकरान चौराहे पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के इकट्ठा होते ही पुलिस ने शांति मार्च न निकालने का दबाव बनाया। काफी बहस के बाद भी जब कार्यकर्ता नहीं माने तो उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इस दौरान पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई।
गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे युवा कांग्रेस के शांति मार्च निकालने की सूचना पर पुलिस ने धाकरान स्थित उनके कार्यालय को घेर लिया। तभी युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमानत उल्लाह भी पहुंच गए। जोश में आए दर्जनों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। अमानत उल्लाह ने भारी फोर्स के बीच ऐलान किया कि कार्यालय में कोई भी कार्यकर्ता गिरफ्तारी नहीं देगा। कार्यकर्ता आगे बढ़ते उससे पहले ही पुलिस से उनकी धक्कामुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
एसओ नाई की मंडी ने बताया कि पार्टी पदाधिकारी अमानत उल्ला, अनुज शर्मा सहित 15 पदाधिकारियों को शांति भंग की आशंका पर हिरासत में ले लिया गया था। उन्हें पुलिस लाइन लेकर आए। यहां पर एसीएम पंचम श्यामलता पहुंचीं। पदाधिकारियों ने मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। इसके बाद सभी को छोड़ दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि धर्मांतरण मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
पीस पार्टी ने दिया धरना
पीस पार्टी के जिलाध्यक्ष मेघ सिंह सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के विरोध जिलाधिकारी के आफिस के गेट पर धरना प्रदर्शन किया। मेघ सिंह ने कहा कि आरएसएस के धर्म जागरण मंच के राजेश्वर सिंह, अज्जू चौहान, और नंद किशोर ने लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। ऊंचे रसूख वाले लोग जांच प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव को सौंप कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
'झोपड़ी में ही रहना है, कहीं और चले जाएंगे'
गुरुवार को देवरी रोड वेद नगर की बस्ती के लोग अपनी-अपनी झोपड़ियों के बाहर बैठे हुए थे। सर्द भरी हवाओं में कबाड़ के ढेरों के बीच कुछ अधनंगे बच्चे खेल रहे थे। बस्ती के मुख्य गेट पर पुलिसकर्मी तैनात थे फिर भी सभी लोग घबराए हुए थे। ज्यादा कुरदने पर कुछ बोले कि अब वह यहां सुरक्षित नहीं हैं।
धर्म परिवर्तन का विवाद इतना बढ़ गया है कि लोग जल्द से जल्द किनारा करना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि जब झोपड़ी डालकर ही रहना है तो वह शहर के किसी दूसरे हिस्से में चले जाएंगे। विवाद के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों द्वारा लगातार हो रही पूछताछ से भी घबराए हुए हैं। वह कहते हैं कि हम बांग्लादेशी नहीं हैं, फिर भी हमें शक की निगाह से देखा जा रहा है। उन्हें डर किस बात का है? इस सवाल के जवाब में वह खुलकर कुछ बोलना नहीं चाहते। उनका कहना है कि डर की वजह बताने पर नया विवाद खड़ा हो सकता है।
कहां जाएं शरणार्थी परिवार
म्यांमार के हालातों के चलते पिछले कई सालों से भारत के विभिन्न शहरों में दिन गुजारने के बाद एक महीने पहले यहां पहुंचा एक परिवार काफी डरा हुआ है। परिवार में नौ लोग हैं, इनमें से कुछ के पास संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त द्वारा जारी शरणार्थी अनुमति भी है। लगभग 42 वर्षीय अबुल वसीर कहता है कि म्यांमार में उसके माता-पिता की उग्रवादियों ने हत्या कर दी थी। उसके बाद वह अपने परिवार को लेकर कई साल पहले भारत आ गया। उसी के साथ उसका भतीजा नूरुल अमीन भी बहन-भाइयों के साथ आया था। 25 वर्षीय नूरुल का कहना है कि वह भारत आया था, तब वह बहुत छोटा था। अब उसका पूरा परिवार संकट में है कि आखिर जाए कहां।
बांग्लादेश घुसपैठियों की हो जांच: संघ
धर्मांतरण मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि स्वेच्छा से घर वापसी करने वालों में बांग्लादेशी घुसपैठिए भी हैं, जोकि निहित स्वार्थवश दबाव में अपने बयान बदल रहे हैं। संघ ने इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मूल निवास की जानकारी के बाद उन्हें वहीं भेजने की मांग की है।
महानगर संघचालक विजय गोयल और महानगर कार्यवाह पंकज खंडेलवाल ने संयुक्त बयान में कहा है कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से देवरी रोड पर धर्मांतरण कार्यक्रम की जानकारी हुई। उन्होंने कहा कि जानकारी मिल रही है कि धर्मांतरण करने वालों में कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी हैं। फर्जी तरीके से भारतीय नागरिकता का परिचय पत्र बनवा लिया है। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में रह रहे सभी लोग समान पूर्वजों की संतान हैं, सभी के पूर्वज हिंदू ही हैं। विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा धर्मपरिवर्तन करवाने के कारण अनेक लोगों के मत में परिवर्तन हुआ। आर्य समाज तथा कई संस्थाओं द्वारा अनेक वर्षों से स्वेच्छा से इनकी घर वापसी तथा शुद्धीकरण के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लालच या दबाव में और विदेशी फंड द्वारा धर्मपरिवर्तन गलत है।
महानगर संघचालक और महानगर कार्यवाह ने कहा कि आरएसएस समाज में राष्ट्रीयता भाव का जागरण करता है। उन्होंने कहा कि घर वापसी करने वालों पर दबाव बनाकर बयान बदलवाए गए और भड़काया। वह संघ मानसिकता के विरोधी हैं तथा देश के फूट डालने का काम कर रहे हैं।
वहीं, विश्व हिंदू परिषद के जिला समरसता प्रमुख विश्वकांत मिश्रा ने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण नहीं बल्कि घर वापसी हुई है। उन्होंने कहा कि धर्म वापसी का अभियान पुराना है। इधर, इस संबंध में अछनेरा के गांव फतेहपुरा में विहिप की बैठक में जिलामंत्री महेश शर्मा ने कहा कि कुछ लोग हिंदुवादी संगठनों को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
पुलिस ने घेरा आरएसएस कार्यालय
धर्म परिवर्तन मामले पर शहर से लेकर दिल्ली तक राजनीति गरमा गई। मुस्लिम समाज के लोग भी सड़क पर हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौती है। गुरुवार को पूरे दिन फोर्स के साथ अधिकारी दौड़ते रहे। मुकदमे में मुख्य आरोपी किशोर वाल्मीकि उर्फ नंद किशोर की तलाश में आरएसएस का कार्यालय घेर लिया।
जयपुर हाउस स्थित माधव भवन पर किशोर वाल्मीकि उर्फ नंद किशोर के आने की जानकारी पर एसपी सिटी समीर सौरभ, एएसपी लोहामंडी, सीओ हरीपर्वत, सीओ सदर फोर्स के साथ पहुंचे। पीएसी और स्वाट टीम भी साथ थी। यहां पर किशोर वाल्मीकि नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को धाकरान पर कांग्रेसियों के हंगामे की सूचना मिली। यहां पर दो सीओ, तीन थानों की पुलिस और पीएसी को लगाया गया। वहां हंगामा अभी शांत हुआ था कि वेद नगर में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे। यहां पर शांति व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए फोर्स पहुंची। डेढ़ सेक्शन पीएसी को तैनात किया गया है।
भाजपा कार्यालय पर भी शाम को फोर्स पहुंची। सूत्रों की मानें तो संवेदनशील इलाकों से लेकर अन्य संगठनों की जानकारी के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। पल-पल की जानकारी अधिकारी ले रहे हैं। इसकी रिपोर्ट शासन तक को भेजी जा रही है।
जमीन खिसकती देख बौखलाए विरोधी दल: भाजपा
धर्म परिवर्तन मामले पर भाजपा ने भी विरोधी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेताओं ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए देश के राजनीतिक वातावरण को दूषित करने आरोप लगाया है।
गुरुवार को जयपुर हाउस स्थित ब्रजक्षेत्र कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि पिछले छह महीने से देश में सांप्रदायिक सद्भाव एवं सामाजिक समरसता का माहौल है, इससे तीनों पार्टियां अपनी जमीन को खिसते देख बौखला गई हैं। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन के मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इसकी आड़ में सांप्रदायिक सद्भाव को वह नहीं बिगड़ने देंगे। ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से घर वापसी कार्यक्रम की जानकारी हुई थी। तस्वीरों को देखकर लगता है कि किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं की गई थी। गलत प्रचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सपा ने सत्ता का दुरुपयोग कर रिपोर्ट दर्ज कराकर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम किया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक राना, महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा सहित भाजपा के कई नेता मौजूद थे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि घर वापसी का कार्यक्रम वहां के रहने वाले मुस्लिमों की सहमति पर हुआ है। प्रांत प्रवक्ता प्रमेंद्र जैन ने कहा कि कट्टरपंथी मुस्लिम नेता घर वापसी के कार्यक्रम को धर्मांतरण का नाम देकर शहर की शांति व्यवस्था को भंग कर रहे हैं।
अल्पसंख्यक मोर्चा ने भी संभाली कमान
भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री अशफाक सैफी ने प्रेसवार्ता में कहा कि किसी का धर्मांतरण नहीं किया गया था। लोगों ने घर वापसी की। उन्होंने कहा कि ‘मैं पिछले कई सालों से भाजपा में हूं और पांच वक्त की नमाज पढ़ता हूं, मुझ पर न तो भाजपा ने और न ही किसी दूसरे संगठन ने हिंदू होने का दबाव डाला।’