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नितिन गडकरी की कुर्सी पर अभी संकट नहीं

Thu, 22 Nov 2012 07:47 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 22 Nov 2012 07:47 AM IST
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relief ?to nitin gadkari on resignation in bjp

भारतीय जनता पार्टी में यशवंत सिन्हा की बातों के बाद भी फिलहाल नितिन गडकरी की कुर्सी पर कोई संकट नहीं दिखाई दे रहा। हो सकता है आपके मन में सवाल उठा हो कैसे? तो इसका पहला जवाब है पार्टी की साख। गुरूवार से शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है और भाजपा केंद्र सरकार को एफडीआई समेत कई मुद्दों पर घेरने वाली है। ऐसे में भाजपा नहीं चाहेगी कि उसकी खुद की साख कमजोर पड़े।

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दूसरों के घर पर पत्थर उछालने से पहले भाजपा को यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं उनका घर तो शीशे का नहीं बना है। मतलब साफ है कि पार्टी एकता के सूत्र में बंधी हुई है यह दिखाना इस समय भाजपा के लिये बेहद जरूरी है। लिहाजा यशवंत की बात का कोई असर पार्टी के कार्यकारिणी सदस्यों पर फिलहाल नहीं पड़ने वाला।
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दूसरा सबसे बड़ा कारण है लोकसभा चुनाव। मुलायम सिंह यादव ने प्रत्याशी घोषित कर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। वहीं कांग्रेस शीतकालीन सत्र के तुरंत बाद प्रत्याशियों की घोषणा की तैयारी में है। ऐसे में अगर भाजपा पार्टी अध्यक्ष के पद को लेकर ही संघर्ष करती रहेगी, तो पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ सकता है।
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खास बात यह है कि देश की जनता के बीच अंतिम व्यक्ति तक भाजपा का प्रचार करने वाली भाजपा की अंत्योदय इकाई की कमान सीधे गडकरी के हाथ में है। ऐसे में अगर गडकरी को अध्यक्ष पद से उतारा तो देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का पार्टी का सपना टूट सकता है।

तीसरा कारण संघ है। जैसा कि सभी को मालूम है कि गडकरी को संघ की सिफारिश पर अध्यक्ष बनाया गया है, ऐसे में संघ के आदेश की नाफरमानी करने की फिलहाल किसी भी नेता में कूबत नहीं है। कुल मिलाकर देखा जाये तो गडकरी का करियर फिलहाल 2014 के चुनाव तक पूरी तरह सुरक्षित है।

'किसी भी जांच के लिए तैयार हूं'
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने पार्टी के भीतर से उठ रही इस्तीफे की मांग को नजरंदाज करते हुए दोहराया है कि वह पाक साफ हैं और किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा की ओर से उनके इस्तीफे की मांग करने के बाद गडकरी बुधवार को यहां भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच में मौजूद थे।


इससे पहले राम जेठमलानी उनके पुत्र महेश जेठमलानी व कर्नाटक से भाजपा नेता जगदीश शेट्टर भी गडकरी के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। मगर गडकरी ने दोहराया कि उन्हें बदनाम करने की साजिश चल रही है। संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक एक दिन पहले केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ताओं से गडकरी ने कहा, ‘मैं आश्वासन देता हूं कि मैंने कुछ भी गलत काम नहीं किया।’

कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए गडकरी ने कहा कि जो भी उसके खिलाफ बोलता है या भ्रष्टाचार के मामले उठाता है तो उसे सीबीआई का भय दिखाया जाता है।

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