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भाई-बहन, देवर-भाभी और जीजा-साले ठोक रहे हैं चुनावी ताल

Tue, 01 Apr 2014 08:38 AM IST
Updated Tue, 01 Apr 2014 08:38 AM IST
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relatives are face to face in lok sabha election

पैसा किसी का सगा नहीं होता यह तो सुना था लेकिन अब राजनीति भी इस कहावत का पर्याय बन गई है। 16वीं लोकसभा की चुनावी जंग में दर्जन भर से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां अपने सगे ही एक दूसरे के सामने ताल ठोक रहे हैं।

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इनमें राजस्थान की दौसा, बिहार की सारण, हरियाणा की कुरुक्षेत्र व अंबाला, पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार व रायगंज और उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ व उन्नाव की लोकसभा सीट प्रमुख हैं।
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इन सीटों पर कहीं भाई के सामने बहन है तो कहीं भाई के सामने भाई ताल ठोक रहा है। यही नहीं समधी-समधी, जीजा-साले, गुरु-चेला और दोस्त ने दोस्त के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

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राबड़ी के सामने भाई साधु यादव

relatives are face to face in lok sabha election

चुनाव में विजय हासिल करने के लिए उम्मीदवार रिश्तों को दरकिनार कर एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए तैयार हैं। राजस्थान की दौसा सीट से कांग्रेस ने वित्त राज्यमंत्री नमो नारायण मीणा को मैदान में उतारा हैं और यहां उनका सीधा मुकाबला अपने ही भाई और भाजपा प्रत्याशी हरीश मीणा से है।

इसी प्रकार सारण सीट पर मुकाबला बहन और भाई के बीच में है। यहां राजद मुखिया लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी उम्मीदवार हैं। उनके मुकाबले में उनके भाई अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी बहन को चुनौती देने जा रहे हैं।

इसी तरह द्वापर युग में हुई महाभारत की लड़ाई के साक्षी रहे कुरुक्षेत्र में इनेलो ने बलबीर सिंह सैनी को चुनाव मैदान में उतारा है तो भाजपा ने यहां से पूर्व मंत्री राजकुमार सैनी पर दांव खेला है। दोनों रिश्ते में समधी हैं।

गुरु मुलायम के सामने चेले रमाकांत यादव

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इसी तरह से अंबाला से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे डॉ. कपूर सिंह का मुकाबला अपने साले एसपी सिंह से है। एसपी सिंह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट से कांग्रेस की सांसद दीपा दासमुंशी का मुकाबला तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार और अपने देवर सत्यरंजन दासमुंशी से है। प. बंगाल से ही अलीपुरद्वार सीट पर एक ही परिवार में ब्याहे तृणमूल कांग्रेस के दशरथ तिर्की और वाम दल के मनोहर तिर्की के बीच मुकाबला है। इन दोनों का आपस में साढ़ू का रिश्ता है।

उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ सीट का भी यही हाल है जहां गुरु-चेले के बीच लड़ाई है। यहां सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव मैनपुरी के अलावा आजमगढ़ से भी मैदान में हैं। जहां पर उनका मुकाबला भाजपा के रमाकांत यादव से है। बताया जा रहा है कि रमाकांत यादव मुलायम के चेले रहे हैं।

इसी तरह उन्नाव सीट पर बसपा उम्मीदवार ब्रजेश पाठक, सपा के अरुण शंकर और कांग्रेस प्रत्याशी अनु टंडन के बीच मुकाबला है। अरुण पहले बसपा में थे और पाठक के शिष्य के रूप में उनके चुनाव प्रचार की कमान संभालते थे लेकिन इस चुनाव में दोनों आमने सामने हैं।

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