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बीजेपी नेताओं पर लगाम लगाइए, मूडीज ने मोदी को दी सलाह

Fri, 30 Oct 2015 06:09 PM IST
Updated Fri, 30 Oct 2015 06:09 PM IST
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Rein in BJP leaders or risk losing credibility Moody's to PM Modi

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भाजपा नेताओं पर लगाम लगाने को कहा है। हाल के दिनों में गोमांस को लेकर हुए विवादों पर प्रधानमंत्री को आगाह करते हुए मूडीज ने शुक्रवार को कहा कि अगर भाजपा के नेताओं पर लगाम नहीं लगी तो भारत अपना घरेलू और वैश्विक भरोसा खो देगा। एजेंसी का कहना है कि इन नेताओं के बयानों से सरकार की परेशानी बढ़ी है।

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मूडीज एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार ने आर्थिक सुधारों का वादा किया है, और अगर भारत को तरक्की करना है तो उसे ये वादा जरूर पूरा करना चाहिए। ये रिपोर्ट 'इंडिया आउटलुकः सर्चिंग फॉर पोटेंशियल' शीर्षक से प्रकाशित की गई है।
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उल्लेखनीय है कि गोमांस के मुद्दे पर इन दिनों मुल्क में हंगामा मचा हुआ है। गोमांस पकाने की आशंका में पिछले महीने देश की राजधानी दिल्ली से लगे गौतमबुद्घ नगर जिले के गांव बिसाहड़ा में एक मुसलमान की भीड़ ने हत्या कर दी थी।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक साक्षात्कार में कहा था कि मुसलमान भारत में रह सकते हैं, लेकिन उन्हें गोमांस खाना छोड़ना होगा। हालांकि विवाद के बाद वह अपने बयान मुकर गए थे। भारत के अधिकांश राज्यों में गोमांस पर प्रतिबंध है।

असहिष्‍णुता का देश भर में हो रहा विरोध

Rein in BJP leaders or risk losing credibility Moody's to PM Modi

मूडीज ने कहा कि भारत में हिंसा की वारदातों में हुए बढ़ोतरी के साथ ही सरकार को राज्यसभा में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है, बहसें आर्थिक मुद्दों से हट रही हैं। मोदी को अपने नेताओं पर लगाम लगानी होगी, अन्यथा वे अपना भरोसा खो देंगे।

एजेंसी ने कहा है कि महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों से जीडीपी में बढ़ोतरी की संभावनाएं बढ़ेंगी, क्योंकि इससे देश का उत्पादन बढ़ेगा। हालांकि इस सुधारों के प्रस्ताव 2015 में संसद से पार‌ित नहीं हो पाए। कम आसार है कि ये 2016 में भी पारित हो पाएंगे।

मूडीज ने कहा है कि निवेशक भी भारत को लेकर बहुत आशान्वित नहीं है। मूडीज के बयान से मोदी सरकार की छवि को धक्का लग सकता है। देश में बढ़ रही असहिष्‍णुता और उसके विरोध में लेखकों, फिल्मकारों, वैज्ञानिकों और इतिहासकारों द्वारा पुरस्कार लौटाए जाने के बाद सरकार की छवि धूमिल पड़ी है।

गोमांस के मुद्दे पर मुल्क में बढ़ी हिंसा की आलोचना विदेशी मीडिया भी कर चुका है।

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