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रेल बजट समाप्त करने की सिफारिश तो विरोध में रेलवे यूनियनें

Sat, 13 Jun 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 13 Jun 2015 12:36 AM IST
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recommendation to eliminate Rail budget

रेलवे की पुनर्संरचना को गठित विवेक देबरॉय कमेटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट शुक्रवार को रेल मंत्री को सौंप दी। कमेटी ने ट्रेनों को निजी हाथों में देने के अलावा अगले पांच साल में रेल बजट को समाप्त किए जाने की सिफारिश की है।

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कमेटी द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद रेलवे यूनियनें इसके विरोध में खड़ी हो गई हैं। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने इस रिपोर्ट को भारतीय रेल के निजीकरण का रास्ता करार दिया है।
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इसके विरोध में फेडरेशन 23 से 30 जून तक एक सप्ताह का जन जागरण अभियान चलाएगी। साथ ही 30 जून को इसके विरोध में काला दिवस मनाया जाएगा।

स्कूल, अस्पताल, आरपीएफ से अलग होने को कहा गया

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कमेटी ने रेलवे में नियामक आयोग स्थापित किए जाने की भी सिफारिश की है। साथ ही कहा है कि रेलवे को उसकी ओर से कर्मचारियों के हितों के लिए चलाए जा रहे अस्पतालों, स्कूलों, कैटरिंग व अन्य विकास के कार्यों से अलग हो जाना चाहिए। उसे आरपीएफ के संचालन से भी खुद को अलग रखना चाहिए।

कमेटी ने सिफारिश की है कि अगले पांच साल में रेल बजट को बंद कर दिया जाता है तो इससे उसे काफी लाभ होगा। वहीं रिपोर्ट की सिफारिशें अगले पांच साल में लागू की जाती हैं तो रेलवे को इसका लाभ मिलेगा। कमेटी ने अपनी सिफारिशों का बचाव करते हुए कहा कि यह रेलवे को उदार बनाने वाली सिफारिशें हैं न कि इसका निजीकरण किए जाने की।

एआईआरएफ के सेक्रेटरी जनरल शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि कमेटी की सिफारिशें रेलवे की सुरक्षा के लिए तो खतरा हैं ही साथ में रेलवे पर आर्थिक बोझ और बढ़ेगा।

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