जीत ने आसान की राहुल की राह, ताजपोशी की उम्मीदें बढ़ीं
बिहार विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत ने कांग्रेस को संजीवनी दी है और नए माहौल में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्ष पद पर जल्द ताजपोशी की संभावना बढ़ गई है। राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा लंबे समय से रही है, चुनावों में कांग्रेस के लचर प्रदर्शन के कारण ये टलता रह है।
माना जा रहा है कि बिहार में महागठबंधन ने जैसा प्रदर्शन किया है और उसमें कांग्रेस की जैसी भागीदारी रही है, उससे राहुल गांधी की ताजपोशी के लिए बेहतर माहौल तैयार हो गया है। बिहार के नतीजों से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है और कांग्रेस आत्मविश्वास से भर गई है। रविवार को ये आत्मविश्वास राहुल गांधी के चेहरे पर भी दिखाई दिया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बहुत ही सधे अंदाज में कहा कि बिहार में भाजपा की हार प्रधानमंत्री के लिए संदेश है। पूरे देश में यह संदेश गूंज रहा है। उन्हें इसे अच्छी तरह सुन लेना चाहिए। पूरे देश को मोदी, आरएसएस और भाजपा बांट नहीं सकती। हिंदू को मुस्लिम से लड़ा कर चुनाव नहीं जीता जा सकता। यह देश सबका है।
राहुल गांधी की ताजपोशी भी जल्दी होगी
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी की ताजपोशी उम्मीद से भी जल्दी होगी।
उन्होंने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने में हो रही देर से ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कामकाज में ठहराव आया है। और ये कार्य जल्दी हुआ तो राहुल गांधी संगठन को मजबूत करने की अपनी योजना पर अमल कर पाएंगे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद बिहार में नीतीश कुमार के साथ गठबंधन की पुरजोर वकालत की थी। राहुल के नीतीश के साथ जाने की जिद के कारण राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भी नीतीश को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में स्वीकारना पड़ा था।
बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन ने 178 सीटें हासिल कीं, जिसमें राजद को 80, जदयू ने 71 और कांग्रेस ने 27 सीटें हासिल कीं। कांग्रेस ने अर्से बाद बिहार में दहाई का आंकड़ा छुआ।