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सपा की सूची में दागी-बागी और दलबदलू भी
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sat, 17 Nov 2012 09:58 AM IST
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सपा ने लोकसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को जो पार्टी की पहली सूची जारी की है उसमें दागी व बागी भी हैं। सूची में लगभग सात से अधिक दलबदलुओं के नाम हैं। कुछ पर आपराधिक धाराओं के मामले भी दर्ज हैं। इनमें उन्नाव से टिकट पाने वाले अरुण कुमार शुक्ला ‘अन्ना’ के खिलाफ भी कई मामले हैं।
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बृजभूषण सिंह का चेहरा भी ऐसा ही है। जिन पर आपराधिक मामले हैं, यद्यपि यह लंबे समय से सपा में हैं। अन्ना पहले सपा में थे लेकिन बाद में बसपा में चले गए थे। बसपा ने उन्हें लोकसभा के पिछले चुनाव में उन्नाव से ही मैदान में उतारा था। अब सपा ने भी उन पर ही दांव लगाया है।
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कैराना से टिकट पाने वाले नाहिद हसन की मां तबस्सुम इस समय बसपा की सांसद हैं। नाहिद के पिता स्व. मुनव्वर हसन पहले सपा से ही सांसद रह चुके हैं। इसी तरह गाजियाबाद से टिकट पाने वाले सुधन रावत भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामनरेश रावत के भाई हैं। उन्हें निकाय चुनाव में गाजियाबाद से सपा ने समर्थन देकर मेयर का चुनाव लड़ाया था।
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इसी तरह एटा से घोषित देवेन्द्र सिंह, बाराबंकी से उम्मीदवार राजरानी रावत व गोंडा से उम्मीदवार कीर्तिवर्धन सिंह, मिश्रिख से प्रत्याशी जयप्रकाश रावत भी उन लोगों में हैं जो दूसरे दलों से सपा में आए। हालांकि इनमें कुछ पहले भी सपा से सांसद या विधायक रह चुके हैं। कुछ विधानसभा चुनाव में तो कुछ निकाय चुनाव के वक्त सपा में आ गए थे। कीर्तिवर्धन लोकसभा का पिछला चुनाव बसपा से लड़े थे।
पार्टी ने अनुभव और जोश दोनों को महत्व दिया है। सूची में जहां कई पूर्व सांसद व विधायकों के नाम शामिल हैं वहीं युवा और नए चेहरों को भी ठीक ठाक तवज्जो दी गई है। प्रो. रामगोपाल के पुत्र अक्षय पहली बार कोई चुनाव लड़ रहे हैं तो पार्टी में लंबे समय से विभिन्न पदों पर काम करने के बावजूद आनंद भदौरिया भी इसी श्रेणी में शामिल हैं। सुल्तानपुर से प्रत्याशी शकील अहमद, गोसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केपी यादव, सीमा मिश्रा, गौरव स्वरूप, नाहिद हसन, राज्यमंत्री कमाल अख्तर की पत्नी हुमेरा, बागपत से डॉ. विजय कुमार सिंह युवा होने के साथ नए चेहरों में शामिल हैं।
माताप्रसाद भी मैदान में
सूची में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय का भी नाम शामिल है। उन्हें डुमरियागंज से चुनाव लड़ाने का ऐलान किया गया है। इसी के साथ यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि पाण्डेय का विधानसभा अध्यक्ष पद से जल्द ही त्यागपत्र हो सकता है। पाण्डेय लोकसभा का पिछला चुनाव भी लड़े पर पराजित हो गए थे।
18 मौजूदा सांसद व तीन विधायक
पार्टी ने जयाप्रदा को छोड़कर 21 में 18 सांसदों को उनकी पुरानी सीटों से ही मैदान में उतारने का फैसला किया है। इसके अलावा तीन विधायकों माता प्रसाद पाण्डेय, राजमती निषाद व सुरेन्द्र सिंह पटेल को भी टिकट दिया गया है। पटेल को वाराणसी से मैदान में उतारा गया है।
रिश्ते-नातेदारों को मिली तवज्जो
सूची में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के परिवार के चार सदस्य तो शामिल हैं। अमरोहा में मैदान में उतरी हुमेरा प्रदेश में पंचायती राज राज्यमंत्री कमाल अख्तर की पत्नी हैं। गोंडा से प्रत्याशी घोषित कीर्तिवर्धन सिंह कृषि मंत्री आनंद सिंह के पुत्र हैं। बस्ती से मैदान में उतरे बृज किशोर सिंह उद्यान मंत्री राजकिशोर सिंह के भाई हैं।
मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पंधारी यादव के श्वसुर देवेन्द्र भी प्रत्याशियों की सूची में शामिल हैं। वह पहले भी एटा से दो बार सांसद रह चुके हैं और हाल में सपा में शामिल हुए हैं। इसी तरह भदोही से प्रत्याशी घोषित सीमा मिश्रा पार्टी के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा की पुत्री हैं। मुजफ्फरनगर से गौरव स्वरूप प्रदेश सरकार में नगर विकास राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप के पुत्र हैं।
चर्चित चेहरे, राजू श्रीवास्तव की भी चर्चा
सपा की पहली सूची में न सिर्फ पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव का नाम शामिल है बल्कि पुत्रवधू डिंपल यादव, भतीजे धर्मेन्द्र यादव और अक्षय का नाम भी सम्मिलित है। चर्चा यह भी है कि पार्टी कानपुर में हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव को मैदान में उतार सकती है।
पिछली बार आगरा से चुनाव लड़े पार्टी के वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन को इस बार हाथरस से लड़ाने का फैसला किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक वाजपेयी को लखनऊ से चुनाव लड़ाने पर राजनीतिक हल्कों में आश्चर्य जताया जा रहा है। रेवती रमण सिंह को उनकी मौजूदा इलाहाबाद सीट से ही लड़ाने का फैसला किया गया है तो बृजभूषण शरण सिंह को इस बार भी कैसरगंज से ही टिकट दिया गया है।
कृषि मंत्री के पुत्र कीर्तिवर्धन सिंह को गोंडा से टिकट दिया गया है। बाराबंकी में सपा से कई बार सांसद रहे पूर्व सांसद रामसागर रावत के किसी परिजन को टिकट देने के बजाय भाजपा से आई राजरानी को टिकट देना भी चर्चा में है।
ये सांसद फिर मैदान में
घोषित प्रत्याशियों में मुलायम सिंह यादव (मैनपुरी), यशवीर सिंह (नगीना), धर्मेंद्र यादव (बदायूं), मिथलेश कुमार (शाहजहांपुर), उषा वर्मा (हरदोई), सुशीला सरोज (मोहनलालगंज), प्रेमदास कठेरिया (इटावा), डिंपल यादव (कन्नौज), घनश्याम अनुरागी (जालौन), आर के पटेल (बांदा), राकेश सचान (फतेहपुर), शैलेन्द्र कुमार (कौशाम्बी), रेवती रमण सिंह (इलाहाबाद), बृजभूषण शरण सिंह (कैसरगंज), नीरज शेखर (बलिया), तूफानी सरोज (मछलीशहर), रामकिशुन (चंदौली), पकौडी लाल (राबर्टसगंज) इस समय भी सांसद हैं। प्रो यादव ने साफ किया कि हमारे जिन सांसदों के नाम सूची में नहीं है उनके नाम पर भी विचार हो रहा है बाकी बची 25 सीटों में ऐसे सांसदों का नबंर आ सकता है।
अगली सूची भी जल्द ही
सपा महासचिव ने कहा कि पार्टी उम्मीदवारों की दूसरी सूची भी जल्द ही जारी कर दी जाएगी। पूर्व मंत्री अशोक वाजपेयी को लखनऊ सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कारण लखनऊ परम्परागत रूप से लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी की सीट रही है। लोकसभा के पिछले चुनाव में इस सीट से लाल जी टंडन चुनाव जीते थे ।
जल्दी प्रत्याशी घोषित करने का कारण
पार्टी प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव से यह पूछने पर कि लोकसभा चुनाव में अभी लगभग एक वर्ष बाकी है तो इतनी जल्दी प्रत्याशियों की घोषणा की वजह क्या है? प्रो. यादव ने जवाब दिया कि सपा ने विधानसभा चुनाव के लिए काफी पहले प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी करने में सहूलियत रहती है। साथ ही लोगों को भी यह शिकायत नहीं रहती कि उम्मीदवार उनके यहां नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि बची सीटों के उम्मीदवारों के नाम भी जल्द ही घोषित कर दिए जाएंगे।