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1857 की क्रांति पर शोध करने पहुंचे विदेशी छात्र
कांधला(शामली)/ब्यूरो
Updated Sun, 31 Mar 2013 12:39 AM IST
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1857 की क्रांति और कस्बाई जीवन शैली पर शोध करने भारत आए लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के तीन छात्रों ने शनिवार को मोहल्ला मौलवियान स्थित लाइब्रेरी पहुंचकर जानकारी जुटाई।
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इसके बाद तीनों ने कस्बे के प्राचीन स्थलों का भी भ्रमण किया। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की छात्रा माइकेन साथी छात्रों सूफि यान और एडम के साथ करीब एक माह पूर्व भारत आई थी।
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तीनों छात्र वर्ष 1857 की क्रांति और भारत की कस्बाई जीवन शैली पर शोध कर रहे हैं।
छात्रों ने शनिवार को कांधला के मोहल्ला मौलवियान स्थित प्राचीन लाइब्रेरी पहुंचकर मौलाना राशिद से अपने शोध पर चर्चा की।
इस दौरान छात्रों ने लाइब्रेरी में रखी प्राचीन पुस्तकों के साथ ही बिजनौर से प्रकाशित होने वाले उर्दू अखबार ‘मदीन न्यूज’ की पुरानी प्रतियों का अध्ययन किया।
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उन्होंने बताया कि भारत आने के बाद वे लखनऊ के एक मदरसे में गए थे, जहां से उन्हें 1857 की क्रांति का उल्लेख उर्दू अखबार मदीन न्यूज में होने का हवाला देते हुए 15 दिन पूर्व बिजनौर भेज दिया गया था।
बिजनौर में उर्दू अखबार के संपादक मौलाना मजीद ने उन्हें कांधला स्थित लाइब्रेरी में भेज दिया, जिसके बाद वे शनिवार को कांधला पहुंचे।
बाद में तीनों छात्रों ने कस्बे के पुराने स्थलों ईदगाह, जामा मस्जिद और लक्ष्मीनारायण मंदिर का भ्रमण किया।
इस दौरान तीनों ने भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी की जमकर प्रशंसा की। बताया कि अभी एक माह तक तीनों भारत में ही रहकर अपने शोध पर काम करेंगे।