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अमित शाह ने सिल रखे हैं मोदी के होंठ?

Fri, 04 Oct 2013 01:49 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 04 Oct 2013 01:49 PM IST
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reason for narendra modi silence on ordinance of congress

हर मंच से सत्ताधारी कांग्रेस की नीतियों की आलोचना करने वाले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दागियों से जुड़े अध्यादेश और उसे वापस लेने के कैबिनेट के फैसले पर चुप्पी साधे बैठे हैं।

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राहुल गांधी ने अध्यादेश को बकवास बताकर अचानक ही इसका विरोध किया था। जिसे भाजपा ने ड्रामा करार दिया लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी नदारद दिख रहे हैं।
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हालांकि नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को शहजादा कहकर उनपर निशाना साधा लेकिन सरकार के अध्यादेश के पक्ष या विपक्ष में खुलकर सामने अब तक नहीं आए हैं। इसकी वजह है भाजपा के दागी नेता जिनमें मोदी के खासे करीबी लोग भी शामिल हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के अनुसार सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों को सदस्यता रद्द हो जाएगी और वे चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रह जाएंगे। इसी फैसले का असर राजद प्रमुख लालू यादव और कांग्रेस नेता राशीद मसूद पर भी पड़ा है।

इसी कतार में गुजरात में भाजपा के भी कई ऐसे नेता हैं जिन पर इस नियम की तलवार लटकी है।

इन्हीं में हैं नरेंद्र मोदी के दाहीने हाथ माने जाने वाले और यूपी में भाजपा का चुनाव अभियान संभाल रहे अमित शाह। शाह पर हत्या और अपहरण से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।

कई गंभीर आरोपो में घिरे शाह
अमित शाह सोहराबुद्दीन, कसूरी बी और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में मुख्य आरोपी है। वह इस समय जमानत पर बाहर हैं और यूपी में चुनाव अभियान में लगे हैं। इसके अलावा वह इशरत जहां और साद्दिक जमाल के फर्जी एनकाउंटर में भी जांच के घेरे में हैं।

वह जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप से घिरे हुए हैं। इन मामलों के चलते अमित शाह गुजरात के गृहमंत्री पद का पद भी गंवाना पड़ा था।

शाह के अलावा मोदी की करीबी और पूर्व मंत्री माया कोडनानी पर खतरा मंडरा रहा है। उन्हें ट्रायल कोर्ट ने गुजरता दंगों के दौरान नरोदा पाटिया में 97 लोगों को मारने वाली भीड़ का नेतृत्व करने का दोषी ठहराया है।

मंत्रीमंडल में शामिल दोषी मंत्री
इनके बाद नरेंद्र मोदी के मंत्रीमंडल के वरिष्ठ नेता बाबू बोखारिया को भी चूना पत्थर खनन घोटाले में ट्रायल कोर्ट ने दोषी करार दिया है। वह अब भी मंत्री बने हुए हैं।

नियमों का उल्लंघन कर 50 मत्स्य पालन के कांट्रेक्ट देने के आरोप में मोदी मंत्रीमंडल के एक और मंत्री पुरूषोत्तम सोलंकी भी जांच का सामना कर रहे हैं। इनके अलावा जूनागढ़ से भाजपा सांसद दीनू सोलंकी पर आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की हत्या के आरोप है।

24 विधायकों पर गंभीर मामले
गुजरात इलैक्शन वॉच के अनुसार गुजरात विधानसभा साल 2012 के चुनाव में चुने गए 182 उम्मीदवारों में से 31% या 57 विधायकों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। 57 विधायकों में से 24 पर गंभीर आरोप हैं।


इलैक्शन वॉच, असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की पहल पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद के प्रोफेसर्स और सिविल सोसाइटी के सदस्यों द्वारा स्थापित किया गया है।


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