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पढ़ें, केजरीवाल के आरोप पर गडकरी ने क्या दी सफाई
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 17 Oct 2012 09:08 PM IST
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इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि नितिन गडकरी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के बीच सांठगांठ है। कारोबारी और राजनीतिक हित साधने में माहिर गडकरी ने महाराष्ट्र में किसानों की जमीन हड़पी है।
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वहीं भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नीतिन गडकरी ने अरविंद केजरीवाल के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने केजरीवाल के आरोपों को 'चिल्लर आरोप' करार देते हुए कहा है केजरीवाल अपनी पार्टी को चमकाने के लिए उन पर आरोप लगा रहे हैं। आखिर केजरीवाल ने गडकरी पर क्या आरोप लगाए और गडकरी ने बचाव में क्या जवाब दिया, इस पर एक नजर।
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केजरीवाल का पहला आरोपः सांठगांठ से ली जमीन
केजरीवाल ने गडकरी पर महाराष्ट्र के किसानों की जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कहा कि शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने सिंचाई मंत्री रहते हुए न केवल सिंचाई विभाग की जमीन गडकरी को दी बल्कि डैम का पानी किसानों को न देकर उनकी कंपनियों को दे दिया।
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गडकरी का जवाबः जमीन मुझे नहीं धार्मिक संस्था को मिली
नितिन गडकरी ने कहा कि जमीन के बारे में जो बातें बताई गईं वो बेबुनियाद हैं। जमीन मुझे या किसी कंपनी को नहीं मिली। 1984 में जमीन एक संस्था को मिली है। सभी किसानों को पैसा दिया गया है। जिस किसान का नाम लिया गया उसे भी पैसा मिला है।
केजरीवाल का दूसरा आरोपः किसानों ने जमीन मांगी तो नहीं दी
महाराष्ट्र के एक गांव की जमीन का अधिग्रहण बांध के नाम पर किया गया। जब 1997 में बांध बना तो 100 एकड़ जमीन बच गई। किसानों ने वर्ष 2000 में सिंचाई विभाग से खेती के लिए जमीन मांगी। विभाग ने दो साल बाद किसानों को उनकी जमीन देने से इंकार कर दिया।
गडकरी का जवाबः जमीन मुझे या मेरी कंपनी को नहीं मिली
जमीन वेस्ट लैंड की तरह पड़ी थी, तब हमने उनसे कहा कि नई किस्म के गन्ने के सैंपल तैयार करके हम किसानों को देते हैं, और हमने नई क़िस्म के गन्ने के सैंपल किसानों को देना शुरु कर दिया। ये किसानों के लाभ के लिए हैं।
केजरीवाल का तीसरा आरोपः किसानों को पानी नहीं मिला
केजरीवाल ने कहा कि इस डैम पर 71 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन किसानों को पानी नहीं मिला। किसानों के बजाय बांधों का पानी गडकरी की कंपनियों को मिलता है। केजरीवाल ने कहा कि गडकरी ने किसानों की जमीन एवं उनके पानी को हड़प लिया।
गडकरी का जवाबः केवल 0.8% पानी कारखाने में इस्तेमाल होता है
गडकरी ने इस आरोप पर सफाई देते हुए कहा कि जहां तक पानी का सवाल है जो शुगर फैक्टरी है उसी में पावर प्रोजेक्ट है। जैसे शुगरकेन से बगास निकलता है उससे उर्जा बनाई जाती है, जो मोलाइसिस निकलता है उससे अल्कोहल तैयार होता है। गडकरी ने कहा कि केजरीवाल ने जिस पानी का जिक्र किया है तो मैं बताना चाहूंगा कि 0.8 प्रतिशत पानी कारखाने में इस्तेमाल किया जाता है।
केजरीवाल का चौथा आरोपः किसानों से सहानुभूति नहीं
केजरीवाल ने गडकरी पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसानों की जमीन एवं उनके पानी को हड़प लिया। उन्हें ठेकेदारों के प्रति सहानुभूति है लेकिन किसानों के लिए नहीं, क्या भाजपा एक विपक्षी दल है या फिर उसकी सत्तारुढ़ पार्टी के साथ है?
गडकरी का जवाबः किसानों के लिए किया काम
नितिन गडकरी ने कहा कि मैंने कम से कम 10 हजार ग्रमीण भारतीय युवाओं को रोजगार देने का प्रयास किया है। गडकरी ने कहा कि जैसा कि कहा गया कि मैं बिल्डर हूं तो मैंने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए घर बना कर दिए। मैने 180 मकान केवल 400 रुपये स्क्वायर फीट के हिसाब से बना कर दिए। गडकरी ने कहा कि जिस किसान का नाम लिया गया है वो किसान वहां पर खेती कर रहा है जबकि जमीन हमारे पास है, हमने उससे जमीन नहीं ली है।