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'मस्जिद में दौरे नहीं, मुस्लिमों पर अत्याचार बंद करें ओबामा'

Fri, 05 Feb 2016 09:32 AM IST
Updated Fri, 05 Feb 2016 09:32 AM IST
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reaction in india on obama's mosque visit

अमेरिकी चुनाव में बढ़ रही मुस्लिम विरोधी बयानबाजी के बीच अपने कार्यकाल के दौरान पहली बार मस्जिद पहुंचे राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौरे को लेकर भारत में मुस्लिम नेता स्वागत तो कर रहे हैं। मगर इराक, अफगानिस्तान समेत कई देशों में आतंकवाद के नाम पर अमेरिका की ओर से छेड़े गए युद्ध अभियान को लेकर उनका गुस्सा बना हुआ हैं। मुस्लिम नेता अमेरिका और इस्राइल की दोस्ती से भी खफा हैं।

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जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों पर हमलों के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। उन्होंने मस्जिद में ओबामा के दौरे को महज चुनावी दांव करार दिया। वहीं फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम कहते है कि अमेरिका द्वारा मुसलमानों पर हो रहा अत्याचार ओबामा को बंद करना चाहिए।
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जामा मस्जिद के शाही इमाम कहते है कि अमेरिका की हमेशा से दोहरी नीति रही है। अमेरिका इस्राइल का पूरा साथ दे रहा है। सीरिया में हिंसा के पीछे भी अमेरिका का पूरा हाथ है। वहां वे सुन्नियों को मारने में शिया नेताओं का साथ दे रहे हैं। भारत में मुस्लिमों का एक गुट मानता है कि अमेरिका पहले अपने सैनिकों को लड़ाता था और अब मुसलमानों को आपस में लड़ा रहा है।
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फतेहपुरी मस्जिद के मुफ्ती मुकर्रम शाही इमाम कहते है कि ओबामा पहले भी महसूस करते होंगे कि इस्लाम का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं है। मगर पद पर रहते हुए बात जुबान पर नहीं आई। अब अंतिम कार्यकाल में सच्चाई बोली है तो अच्छी बात है।

अमेरिका की अच्छी पहल

reaction in india on obama's mosque visit

हालांकि मुस्लिम नेता अमेरिका की नीतियों का सैद्घांतिक विरोध कर रहे हैं। मगर वे मस्जिद में जाने की ओबामा की पहल को अच्छा मानते हैं। मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूखी मानते है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के मुकाबले ओबामा ने मुस्लिम देशों के खिलाफ चल रही नीतियों से हटकर नई छवि पेश की है।

फारुखी ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ट्रंप के बयान को अनैतिक करार देते हुए कहा कि ओबामा मुसलमानों के लिए मिस्त्र गए और सऊदी अरब से भी बात की। साथ ही पाकिस्तान को भी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की सख्त चेतावनी दी। यह सब अच्छी पहल के बतौर देखा जाना चाहिए।

अपने कार्यकाल के दौरान बुधवार को पहली बार मस्जिद पहुंचे राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि इस्लाम पर हमला करना सभी धर्मों पर हमला करने जैसा है। ओबामा वाशिंगटन के निकट बाल्टीमोर स्थित एक मस्जिद पहुंचे थे।

उन्होंने मुस्लिम विरोधी बयानों की निंदा करते हुए कहा, सभी धर्मों की तरह इस्लाम का भी महत्व है और इस पर हमला करना हमारे लिये सभी धर्मों के खिलाफ हमला करने जैसा है। ओबामा ने मेरीलैंड में ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ बाल्टीमोर’ में अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘हमने मुस्लिम अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अक्षम्य राजनीतिक बयानबाजी सुनी है, जिसका देश में कोई स्थान नहीं है।’

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