लाखों लोगों से छिनेगा सबसे पुख्ता प्रमाणपत्र
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य में फोटो पहचान पत्र या निवास प्रमाणपत्र के रूप में राशन कार्ड को सबसे पुख्ता दस्तावेज माना जाता है। जल्द ही लाखों लोगों के हाथों से यह दस्तावेज छिन जाएगा। कार्ड सिर्फ उन्हीं को मिलेगा, जिन्हें राशन की जरूरत की जरूरत है। प्रदेश में पहले अप्रैल से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने जा रहा है। अधिनियम की शर्तों के मुताबिक बड़ी संख्या में एपीएल और बीपीएल कार्डधारक लाभ के दायरे से बाहर हो जाएंगे और तब राशन कार्ड के हकदार भी नहीं रह जाएंगे।
इलाहाबाद में तकरीबन 17 लाख राशन कार्डधारक हैं, जिनमें अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या महज 88 हजार है और इन्हीं को खाद्य सुरक्षा अधिनियम में अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। वहीं, एपीएल और बीपीएल कार्डधारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। एपीएल कार्डधारकों की संख्या 14 लाख के आसपास है और बाकी बीपीएल कार्डधारक हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जैसी शर्तें हैं, उस हिसाब से आधे से अधिक कार्डधारक नई व्यवस्था में लाभ पाने से वंचित हो जाएंगे। इनकी संख्या लाखों में है। नई व्यवस्था के तहत सिर्फ दो श्रेणी के कार्डधारक रह जाएंगे। एक अंत्योदय और दूसरी श्रेणी में अन्य सभी कार्डधारक, जो लाभ पाने की सभी शर्तों को पूरा करते हों। तय है कि जब लाखों कार्डधारक लाभ पाने से वंचित होंगे तो उनके पास राशनकार्ड भी नहीं रह जाएंगे और ऐसे में फोटो पहचान पत्र एवं निवास प्रमाणपत्र के सबसे पुख्ता दस्तावेज से उन्हें हाथ धोना पड़ेगा।
राशन कार्ड का विकल्प
फिलहाल यह तो सर्वे और सत्यापन का काम पूरा होने के बाद ही मालूम होगा कि लाभ के दायरे से कितने लोग बाहर होंगे। सत्यापन का काम भी काफी धीमे चल रहा है। अब तक महज 30 फीसदी काम ही पूरा हुआ है जबकि मार्च तक यह काम शत प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल मार्च में यह काम पूरा हो पाना मुश्किल है।
जिला पूर्ति अधिकारी श्रीकृष्ण का कहना है कि सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। ऑनलाइन आवेदन की गति में भी तेजी आई है। प्रयास यही होगा कि सभी पात्रों का चयन कर उनके राशनकार्ड बनाए जाएंगे।
विकल्प तो हैं, पर काफी नहीं
बहुत कम ऐसे प्रपत्र होते हैं, जिनका उपयोग कई प्रमाणपत्रों के विकल्प के तौर पर हो सकता है। इनमें राशन कार्ड शामिल है, जिसका उपयोग फोटो पहचान पत्र एवं निवास प्रमाणपत्र के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा वोटर आईकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और आधार कार्ड का उपयोग भी फोटो पहचान पत्र एवं निवास प्रमाणपत्र के रूप में किया जा सकता है लेकिन कुछ मामलों में इन्हें मान्य नहीं किया गया है। उदाहरण के तौर पर विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए राशन कार्ड अनवार्य है। विकलांगता प्रमाणपत्र जारी करते वक्त राशन कार्ड की मूल प्रति पर इस बारे में सूचना दर्ज जाती है, ताकि विकलांगता प्रमाणपत्र दोबारा न बनवाया जा सके। ऐसे में बिना राशन कार्ड के विकलांगता प्रमाणपत्र नहीं बन सकता। यही स्थिति कुछ अन्य मामलों में भी है।